शिवराज बोले- मैंने जो बातें कही थीं, भरोसा है मुख्यमंत्री पूरा करेंगे

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 18 साल की लंबी पारी खेलने वाले शिवराज सिंह चौहान अब विदिशा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से वे पहले भी 5 बार सांसद रह चुके हैं। ये उनका छठा चुनाव है। इसके बाद भी गांव-गांव जा रहे हैं। ऐसे चुनाव लड़ रहे हैं, जैसे पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हों।

इस पर वे कहते हैं- लोकतंत्र में यह नहीं मानना चाहिए मैं जीत रहा हूं तो मैं जनता के बीच क्यों जाऊं? विधानसभा में गेमचेंजर साबित हुई लाड़ली बहना योजना के इस चुनाव में असर पर वे कहते हैं- दूसरी योजनाओं की तरह इसका भी असर है।

चुनावी दौरे के बीच शिवराज ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में केंद्र की राजनीति में जाने से लेकर चुनाव में सक्रिय पुत्र कार्तिकेय के भविष्य और लाड़ली बहना योजना की राशि 3000 करने के अपने वादे से जुड़े सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

सवाल: विदिशा से चुनाव लड़ने का फैसला आपका था या पार्टी का?
जवाब:
 मैं तो कार्यकर्ता हूं। कार्यकर्ता के नाते पार्टी जो काम देती है उसे पूरे परिश्रम और कर्मठता से अंजाम देना ये हमारी ड्यूटी है। पार्टी का फैसला मेरा फैसला होता है। जब आप एक बड़े अभियान का हिस्सा हैं तो आप एक व्यक्ति के नाते कैसे सोच सकते हैं।

सवाल: विधानसभा चुनाव लड़ते वक्त क्या आपने सोचा था कि फिर चुनाव लड़ना पड़ सकता है?
जवाब:
 मैंने पहले भी कई बार कहा कि पार्टी जो तय कर देगी, वो करेंगे। पार्टी ने जो तय किया वो कोई अप्रत्याशित नहीं है। उनके दिमाग में जिस कार्यकर्ता से जो काम लेने की योजना होती है, उस काम को करना है।

सवाल: इस चुनाव के बाद आप मध्यप्रदेश की राजनीति से दूर हो जाएंगे और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहेंगे?
जवाब:
 पार्टी जो भूमिका देगी उसे प्रसन्नता और आनंद के साथ करूंगा। मध्यप्रदेश भी इसी देश में ही है, इसलिए यहां की राजनीति करेंगे, वहां की छोड़ेंगे… मैं समझता हूं यह बहुत प्रासंगिक नहीं है।

सवाल: जब बुधनी में आप विधानसभा चुनाव लड़े तो वोट मांगने नहीं गए, अब विदिशा में गांव-गांव जाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
जवाब:
 मैं अपनी और दूसरी लोकसभा सीटों पर प्रचार कर रहा हूं। विधानसभा चुनाव के समय मैं मुख्यमंत्री था। मेरी ड्यूटी थी कि मैं हर सीट पर जाऊं और अपनी पार्टी को चुनाव जिताऊं। अभी कार्यकर्ता के नाते ड्यूटी पूरी कर रहा हूं।

लोकतंत्र में हम यह नहीं सोच सकते कि जीत ही रहे हैं तो काहे के लिए जाएं। क्यों परेशान हों। जनता से मिलने का मैं कोई अवसर नहीं छोड़ता। मुझे उसी में आनंद आता है। जनता ही भगवान है। लोकतंत्र में यह मत मानिए कि मैं जीत रहा हूं तो मैं क्यों जाऊं? मैं तो 17 बार जाऊंगा।

सवाल: इस चुनाव में लाड़ली बहना को आप कितना बड़ा फैक्टर मानते हैं?
जवाब:
 हर योजना का असर होता है। आयुष्मान भारत का भी असर है, गरीबों को नि:शुल्क राशन देने का भी असर है, उज्ज्वला गैस के कनेक्शन का भी असर है। लाड़ली बहना का भी असर है।

सवाल: कांग्रेस ये आरोप लगा रही है कि चुनाव के बाद लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी।
जवाब:
 उन्हें तो केवल कुछ न कुछ कहना है, इसलिए कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि योजना जारी रहेगी।

सवाल: आपने वादा किया था कि लाड़ली बहना की राशि 3 हजार तक ले जाएंगे?
जवाब:
 मुझे पूरा विश्वास है मुख्यमंत्री के नाते जो बातें मैंने कही थीं, वो मेरे मित्र और छोटे भाई मोहन यादव जी, जिन्होंने बहुत दक्षता के साथ काम संभाला है, दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं, उन सब कामों को पूरा करेंगे।

सवाल: आपने 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात कही थी। 450 में सिलेंडर कब मिलेगा?
जवाब:
 मोहन जी (मुख्यमंत्री) ने कहा है एक-एक चीज पूरी होगी। कुछ समय लग सकता है, लेकिन पूरी होगी।

सवाल: अक्षय बम का नामांकन वापस लेने के दौरान मंत्री विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला साथ में थे। कांग्रेस कह रही है कि आप लोगों ने पुराने केस ओपन करके प्रेशर बना दिया?
जवाब:
 कांग्रेस की हालत क्या हो गई है? जो लोग आ रहे हैं वो कांग्रेस के नेतृत्व से निराश होकर आ रहे हैं। कांग्रेस में न तो सोच बची है न दिशा और न ही दृष्टि बची है। कांग्रेस और राहुल जी वामपंथियों के बंधक हैं। कुछ NGO मिलकर पार्टी चला रहे हैं। कोई भी कुछ भी बोल देता है। कह रहे हैं कि विरासत टैक्स लगाओ और बाद में कह दो कि ये इसका नहीं उसका कहना है। ये पार्टी है या चूं-चूं का मुरब्बा?

अक्षय तो भाजपा के विचार से प्रेरित होकर आए। उनका स्वागत है, लेकिन क्या कांग्रेस पर सवालिया निशान नहीं लगता? क्या हालत हो गई है कि उम्मीदवार चुनते समय वे यह भी फैसला नहीं कर पा रहे कि उनके मन में क्या है? जिसे टिकट दे रहे हैं वह हमारे विचार के हैं या नहीं? सबसे बड़ा दोष तो कांग्रेस का है।

सवाल: पटवारी कह रहे कि आप लोग उम्मीदवारों का अपहरण करवा रहे हैं?
जवाब:
 कोई किसी व्यक्ति का आज के युग में अपहरण नहीं कर सकता। कांग्रेस ने भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्य, परंपराएं सबको छोड़ दिया। वो भगवान राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में नहीं गए। उसमें खामियां निकालने लगे। जब कांग्रेस इतनी दृष्टिहीन हो जाएगी, जिसको देश की नब्ज का भी पता नहीं तो कौन कांग्रेस में रहेगा?

पहले अपनी करनी देखें। जब आपके पास दिशा, दृष्टि के साथ खुद डिसीजन लेने की क्षमता नहीं है। जीत का विश्वास ही नहीं है। तो कांग्रेस चलेगी कैसे? भागेंगे लोग। और जो पार्टी अच्छी लगेगी उसके साथ अच्छे लोग आएंगे।

सवाल: इन लोगों को एडजस्ट कैसे करेंगे? जो मूल कार्यकर्ता नाराज नहीं हो जाएंगे?
जवाब:
 जो भी पार्टी के विचार को मानने वाला है वह पार्टी में आता है। और आने के बाद भाजपा में केवल इसलिए नहीं आते कि एडजस्ट होना है। हर एक को कोई न कोई दायित्व और काम मिलेगा। जो काम मिलेगा वह करेंगे।

सवाल: ऐसी बातें चल रही हैं कि भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत को राज्य सरकार में मंत्री पद दिया जा सकता है? अगली बार बेटे को टिकट मिल सकता है?
जवाब:
 यह तो केवल अटकलें हैं। वो भी कांग्रेस की गतिविधियों और सोच से परेशान थे। उन्हें भाजपा उचित लगी। मोदी जी में उनका विश्वास बना। उन्हें लगा कि देश को भाजपा ही आगे ले जा सकती है। उन्होंने केवल एक ही बात कही है कि उनके क्षेत्र में विकास के काम हों। सरकार विकास के काम करेगी।

सवाल: डॉ. मोहन यादव को जीतू पटवारी पर्ची वाला मुख्यमंत्री बता रहे हैं और कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री चयन में विधायकों की राय नहीं ली गई?
जवाब : 
उन्होंने बहुत राय लेकर इंदौर में प्रत्याशी को खड़ा किया था। इंदौर में क्या हुआ? वे खुद जहां रहते हैं, वहां अब पार्टी ही नहीं है। केवल आरोप लगाते रहो।

सवाल: महंगाई के मुद्दे का आपके पास क्या काउंटर है?
जवाब:
 जितनी सुविधा दे रहे हैं वह महंगाई का काउंटर ही है। नि:शुल्क राशन, उज्ज्वला रसोई, आयुष्मान भारत, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई सभी महंगाई का काउंटर है। महंगाई आज कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस केवल कहने के लिए कह रही है।

सवाल: बेरोजगारी का भी मुद्दा है?
जवाब:
 रोजगार के जितने साधन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्पन्न किए हैं, कोई कल्पना नहीं कर सकता। 10 लाख नौकरियों की बात कही थी। हर महीने प्रधानमंत्री और राज्य सरकारें नियुक्त पत्र बांटते हैं। केवल सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि निवेश के माध्यम से रोजगार मिल रहे हैं।

सवाल: मध्यप्रदेश में कितनी सीटें जीतने की उम्मीद है?
जवाब:
 सभी 29 सीटें जीतेंगे।

सवाल: छिंदवाड़ा में विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा क्या किया कि इस बार चुनाव जीत जाएंगे?
जवाब: 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों के मन में विश्वास है। लोग प्रधानमंत्री को केवल नेता नहीं मानते बल्कि, श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं। MP के मन में मोदी ही हैं। छिंदवाड़ा की जनता ने भी फैसला किया है कि वह भाजपा के साथ चलेगी।

सवाल: कमलनाथ कह रहे हैं कि राम मंदिर पब्लिक के पैसे से बना भाजपा के चंदा से नहीं। मैंने हनुमान मंदिर बनाया, लेकिन उसका ढिंढोरा नहीं पीटा?
जवाब: 
हम कहां कह रहे कि भाजपा के चंदा से बना? किसने कहा? कांग्रेस की तो बुद्धि पर मंथरा आकर बैठ गई है। उन्हें कुछ पल्ले पड़ता नहीं। उन्हें निमंत्रण आया था। यह क्या ‌BJP ने भेजा था कि भाजपा के कार्यक्रम में आ जाओ। आयोजन समिति ने निमंत्रण दिया था तो दाएं-बाएं क्यों करने लगे, मुहूर्त नहीं है यह खराब है वह खराब है? यह वोट बैंक की पॉलिटिक्स है कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस गई क्यों नहीं?

सवाल: दो चरणों के चुनावों में वोटिंग पर्सेंट बहुत गिरा है? लोग कह रहे हैं कि इसका बड़ा नुकसान BJP को होगा, पार्टी इससे चिंतित भी है?
जवाब:
 भाजपा भारी अंतर से सारी सीटें जीतेगी। कम वोटिंग की दो वजह है। सामने मजबूत प्रतिद्वंद्वी का न होना। जो वोटर निकल रहे हैं वो BJP के हैं। इतना जरूर है कि भारत में लोग परंपरा का पालन करते हैं। अगर घर में शादी है या किसी रिश्तेदारी में शादी है तो ऐसी परिस्थितियों में भी मतदान प्रभावित होता है, लेकिन मैं सबसे बड़ा कारण मजबूत प्रतिस्पर्धी का न होना मानता हूं।

सवाल: अभी सुरेश पचौरी भाजपा में आए और स्टार प्रचारक बन गए, उमा भारती को स्टार प्रचारक भी नहीं बनाया, वे पूरे लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक सभा में दिखीं।
जवाब:
 दीदी (उमा भारती) अत्यंत सम्माननीय नेता हैं। वो केवल नेता नहीं, वे सोशल रिफॉर्मर हैं, समाजसेवी हैं। मध्यप्रदेश में अहाते बंद करने से लेकर जो अनेक काम हुए, वह दीदी के मार्गदर्शन में ही हुए थे। वो जो कहती हैं उसको हम मानते भी हैं। दीदी सच में अद्भुत हैं। उनका अतुलनीय योगदान केवल राजनीतिक क्षेत्र में ही नहीं, सामाजिक क्षेत्र में भी है।

सवाल: आपने मध्यप्रदेश गान को खड़े होकर सम्मान देने की परंपरा शुरू की थी। बीच में कांग्रेस सरकार ने उसे जारी रखा, लेकिन आपकी ही सरकार ने उसे बंद कर दिया?
जवाब:
 मुझे नहीं लगता कि बंद किया है मध्यप्रदेश गान अभी भी होता है। मध्यप्रदेश गान को खड़े होकर सम्मान देना चाहिए। मुझे विश्वास है वह परंपरा मोहन जी जारी रखेंगे।

सवाल: आप दिल्ली जा रहे हैं। आपके विधानसभा क्षेत्र बुधनी का क्या भविष्य है?
जवाब:
 उज्ज्वल।

सवाल: आपके बेटे कार्तिकेय भी लगातार सक्रिय हैं। क्या उन्हें मौका मिलेगा?
जवाब:
 हम लोग इस तरह की राजनीति के बारे में नहीं सोचते।

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