*ऐसे भी की जा सकती है जीव/समाज सेवा*

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*ऐसे भी की जा सकती है जीव/समाज सेवा*

*ऐसे भी धरती को बनाया जा सकता है सुंदर और समृद्ध*

*अपने कुछ पलों को स्वयं खुशियों से भरा जा सकता है*
?घर से निकलकर मोहल्ले की गली और सड़क पर घूम घूमकर बीड़ी- सिगरेट पीने और पर्यावरण प्रदूषित करने वाले गली और सड़क किनारे पौधे रोपने और पानी देने का काम करके मोहल्ले, समाज और देश की सेवा कर सकते हैं। बीड़ी- सिगरेट पीने में लगने वाले समय को पौधारोपण और पानी देने में रुपांतरित करके व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकता है।

?घर के बाहर पेंट की बड़ी बाल्टी में नियमित पानी भरकर रखने से प्यासे जीवजंतु (गाय,कुत्ते,बिल्ली आदि) अपनी प्यास बुझा सकते हैं। ऐसा करने से वे नियमित आने लगते हैं। बाल्टी की सुरक्षा के लिए उसे तार से बांधकर रखा जा सकता है।

?गर्मी में पौधों पर सकोरे लटकाकर और उनमें समय समय पर पानी भरकर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करके जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

?सड़क किनारे सुबह शाम टहलते समय कम से कम किसी एक पौधे को बाटल भर पानी देकर उसकी वृद्धि और विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

? साल भर घर में खाए फलों की गुठलियों और बीजों को एकत्रित कर और सूखाकर सड़क किनारे घूमते समय उन गुठलियों और बीजों को लगाया फैलाया जा सकता है।

?सड़क किनारे घूमते समय बबूल, जामुन, करंजी, पलाश, सेमल , अमलतास आदि के बीज एकत्रित करके उन्हें बारिश पूर्व बंजर जगहों और सड़क किनारे खाली पड़ी जमीन पर लगाया या बिखेरा जा सकता है।

पशुपक्षियों को पानी पीता देख, पौधों को बड़ा होते देख और उसे फूलते-फलते देख मन खुशी से भर उठता है।
*आपका सुखवाड़ा ई दैनिक और मासिक भारत* 9425392656

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