सुल्तानिया की जगह नया अस्पताल:पहली बार हॉस्पिटल प्लानर बताएगा कहां, कौन सी यूनिट बनेगी; ओपीडी और इमरजेंसी की एंट्री भी अलग होगी

राजधानी में 300 बिस्तर के नए अस्पताल की नींव डलनी शुरू हो गई है। अब तक सुल्तानिया अस्पताल के नाम से पहचान रखने वाले अस्पताल को तोड़कर इसे बनाया जा रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि निर्माण शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल प्लानर नियुक्त किया है। यानी अस्पताल को लोगों के हित में कैसे डिजाइन किया जाए, ये प्लानिंग हॉस्पिटल प्लानर ही करेगा। हॉस्पिटल प्लानर के पद पर मेडिकल फील्ड में लंबे और स्पेशलाइज्ड अनुभव वाले व्यक्ति को पदस्थ किया गया है। अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी एमपी बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (बीडीसी) को सौंपी गई है।
करीब 102 साल पुराने सुल्तानिया अस्पताल को तोड़ने का काम भी बीडीसी ने ही किया था। जीएम बीडीसी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि नए अस्पताल का परिसर 6.96 एकड़ में होगा। आई आकार में बन रहे इस अस्पताल में 5 मंजिल तक की प्लानिंग की गई है।
मेडिकल, सर्जिकल और नवजात शिशु के लिए अलग होंगे आईसीयू
- ओपीडी के लिए पर्याप्त कमरे और छोटे समूह में इंटररिलेटेड सर्विसेज उपलब्ध रहेंगी। जैसे मेडिसिन के साथ ईसीजी या आर्थोपेडिक के साथ प्लास्टर रूम या पिडियाट्रिक के साथ इम्यूनाइजेशन की सुविधाएं।
- मेडिकल गहन चिकित्सा के तीसरी और चौथी मंजिल पर अलग-अलग दो आईसीयू होंगे।
- एयरकंडीशन की सुविधा केवल इमरजेंसी यूनिट में होगी। इसी भवन में लेबर रूम, मेडिकल-सर्जिकल आईसीयू, ओटी, रेडियोलॉजी यूनिट रहेगी।
- जनरल वार्ड में प्राकृतिक रोशनी और हवा पर्याप्त मिलती रहे, इसका ख्याल रखा जा रहा है। इससे बिजली की बचत भी होगी।
मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा…
नए अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी के लिए अलग एंट्री-एग्जिट बनाई जा रही हैं। ओपीडी और इमरजेंसी यूनिट की रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट और आईसीयू से बराबर दूरी होगी। ताकि मरीज को अलग-अलग तरह की जांचों के लिए भटकना न पड़े।
भविष्य का भी ध्यान…भविष्य में यदि कोई जरूरत पड़ी तो स्पेशलिटी डिपार्टमेंट बनाने के लिए अलग से जगह छोड़ी जा रही है। ये हिस्सा ग्राउंड फ्लोर पर रहेगा। ताकि भविष्य में यहां नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रो एंटेरोलॉजी और कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट की प्लानिंग की जा सकती है।
- अंग्रेजी के आई आकार में- करीब 7 एकड़ में होगा अस्पताल परिसर, 5 मंजिला इमारत, बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन कर रहा निर्माण।
- पहली मंजिल- पूर्णत: मातृत्व एवं शिशु चिकित्सा के लिए होगी। इसमें डेडिकेटेड ओटी भी हाेगा।
- दूसरी मंजिल- चार ओटी होंगे। यहां सर्जिकल गहन चिकित्सा यूनिट बनाने की प्लानिंग है।
30 महीने में पूरा करेंगे काम
300 बिस्तर के इस अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग से निर्माण की पूरी प्लानिंग का अनुमोदन करवाया जा चुका है। नींव की खुदाई भी शुरू कर दिया है। इसे अगले 30 महीने में हम पूरा भी कर लेंगे।
