पहली बार डिजिटल जनगणना

मध्यप्रदेश में जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। पहली बार यह जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी। इसमें 1.5 लाख से ज्यादा प्रगणक (जनगणना करने वाले) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इसके लिए मोबाइल एप तैयार कर लिया गया है। प्रति प्रगणक 25,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा। जनवरी 2025 से जनगणना का काम शुरू हो सकता है।
- पहले प्रशासनिक सीमाएं होंगी फ्रीज : 31 दिसंबर 2024 तक सभी जिलों और गांवों की सीमाएं फ्रीज कर दी जाएंगी। ताकि जनगणना के समय कोई बदलाव न हो।
- फिर डिजिटल फॉर्म भरने की प्रक्रिया : मकान की गिनती के बाद लोगों की जानकारी दूसरे चरण में ऑनलाइन फॉर्म में दर्ज की जाएगी। इसमें 34 प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से घर का मुख्य अनाज, खाना पकाने के लिए ईंधन, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, वाहन की उपलब्धता, आदि शामिल होंगे। हर व्यक्ति को एक आईडी नंबर प्रदान किया जाएगा।
- बैंक खातों की जानकारी नहीं ली जाएगी : इस बार बैंक खातों की जानकारी नहीं मांगी जाएगी। इसके बजाय, मोबाइल नंबर की जानकारी ली जाएगी और इसे डिजिटल फॉर्म में भरा जाएगा।
- हर प्रगणक के पास 150 घर : एक जनगणना प्रगणक को 150 घरों की जानकारी जुटानी होगी। हर घर में रहने वाले लोगों की संख्या, जाति, लिंग, और अन्य आवश्यक जानकारी को डिजिटल फॉर्म में भरना उनकी जिम्मेदारी होगी। इस बार डिजिटल प्रक्रिया होने के कारण रिपोर्ट जल्दी तैयार हो जाएगी।
जनगणना के प्रमुख 34 सवाल
- घर में कौन सा अनाज खाते हैं?
- खाना पकाने के लिए किस ईंधन का उपयोग करते हैं?
- पीने के पानी का स्रोत क्या है?
- घर में बिजली की सुविधा का स्रोत क्या है?
- शौचालय की स्थिति क्या है?
- गंदे पानी का निकास कहां होता है?
- नहाने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं?
- क्या आपके पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल है?
- क्या आपके पास कार, जीप, वैन है?
- कम्यूनिकेशन के लिए मोबाइल का उपयोग होता है?
- जाति संबंधी जानकारी (SC/ST/अन्य)?
- परिवार के मुखिया कौन हैं?
- घर में रहने वाले सदस्यों की संख्या?
- घर पक्का है या कच्चा?
