IAS नहीं होंगे चित्रकूट विकास प्राधिकरण के CEO

भगवान राम की तप स्थली चित्रकूट और राम वन गमन पथ के विकास के लिए बनाए गए चित्रकूट विकास प्राधिकरण का मुखिया कोई आईएएस नहीं होगा बल्कि अपर कलेक्टर स्तर के राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के अधिकारी को इसका सीईओ बनाया जाएगा।
प्राधिकरण में सीईओ और अन्य कर्मचारियों के स्टाफ को लेकर कुल 16 पद मंजूर किए गए हैं। वित्त विभाग ने 23 अगस्त को नगरीय विकास विभाग के प्रस्ताव पर इन पदों को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पिछले दो माह से इस प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी कलेक्टर सतना निभा रहे हैं।
चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी देने के बाद नगरीय विकास और आवास विभाग ने इस प्राधिकरण में पदस्थ किए जाने वाले स्टाफ के सेटअप को मंजूरी दे दी है।
इसके लिए विभाग ने नोटिफिकेशन भी कर दिया है जिसके अनुसार प्राधिकरण में अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बनाया जाएगा। बताया जाता है कि अन्य विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर सीईओ ही प्राधिकरण का मुख्य प्रशासक होगा जिसका अध्यक्ष न होने पर संभागायुक्त रीवा इसके अध्यक्ष होंगे।
साथ ही विकास और अन्य प्रशासनिक मुद्दों के मामले में सीईओ कलेक्टर सतना के अधीन काम करेंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं को महत्व देने वाली मोहन सरकार यहां रामवन गमन पथ का निर्माण कराने के साथ एमपी के हिस्से के चित्रकूट का चौतरफा विकास करने पर फोकस करेगी। यहां शिवराज सरकार द्वारा किए गए वनवासी राम लोक का निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता में है।
ऐसा होगा प्राधिकरण का सेटअप
| पदनाम | पद संख्या | पद का प्रकार |
| सीईओ | राप्रसे | एक राप्रसे |
| संपदा अधिकारी ग्रेड-2 | एक | प्रतिनियुक्ति/पदोन्नति |
| कार्यपालन यंत्री सिविल | एक | पदोन्नति |
| सहायक यंत्री सिविल | एक | पदोन्नति/ सीधी भर्ती |
| उपयंत्री सिविल | दो | सीधी भर्ती |
| सहायक ग्रेड-1 | एक | पदोन्नति |
| लेखापाल ग्रेड-2 | एक | पदोन्नति |
| सहायक ग्रेड-2 | दो | पदोन्नति |
| लेखा सहायक | एक | सीधी भर्ती |
| भृत्य | तीन | सीधी भर्ती |
| चौकीदार | दो | सीधी भर्ती |
| कुल पद | 16 | |
14 मार्च को कैबिनेट ने दी थी मंजूरी
मोहन यादव कैबिनेट ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी 14 मार्च 2024 को हुई बैठक में दी थी। इसके बाद 16 मार्च से लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके चलते तीन माह तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
इसके बाद 26 जून को सीएम मोहन यादव ने फिर संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में चित्रकूट के विकास को लेकर निर्देश दिए थे और कार्ययोजना पर चर्चा की थी। इसके बाद सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा को उसी दिन चित्रकूट विकास प्राधिकरण के सीईओ के पद पर ज्वाइन करने के निर्देश जारी किए गए थे। अभी कलेक्टर सतना के पास इसका प्रभार है।
जल्द होगी अफसरों, कर्मचारियों की पदस्थापना
चित्रकूट विकास प्राधिकरण सरकार की मंजूरी के बाद अस्तित्व में आ चुका है और नगरीय विकास विभाग ने फाइनेंस की परमिशन के बाद यहां पदों की स्थिति भी साफ कर दी है।
इसलिए माना जा रहा है कि इसी माह चित्रकूट विकास प्राधिकरण के सीईओ पद पर किसी अपर कलेक्टर स्तर के अफसर की पदस्थापना की जा सकती है। इसके साथ ही प्राधिकरण के अन्य पद भी धीरे-धीरे भरे जाएंगे।
