डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का शिक्षा जगत में अभूतपूर्व योगदान : जीतू पटवारी
भोपाल, 05 सितम्बर, 2024
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने भारत गणराज्य के द्वितीय राष्ट्रपति रहे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के शिक्षा जगत में अभूतपूर्व योगदान का स्मरण करते हुये अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था प्रणाली के तहत प्रदेश के 27 हजार स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने वर्तमान सत्र के लिए अभी तक अतिथि शिक्षकों की भर्ती नहीं की है। यहां तक कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए पोर्टल हीं नहीं खुला।
श्री पटवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा का तो यह आलम है कि पांच-पांच साल में विद्यार्थी ग्रेजुएशन (स्नातक) कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कोई एकेडमी कलेण्डर सरकार नहीं बनाया गया है कि कब परीक्षाएं होंगी, कब रिजल्ट खुलेगा, कब शिक्षा सत्र शुरू होगा, कब खेलकूद की गतिविधियां होंगी, कब सास्कृतिक कार्यक्रम होंगे, किसी भी कार्यक्रम-योजना का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे-तैसे परीक्षाएं हो भी जाती हैं तो पेपर लीक हो जाते हैं, पेपर लीक होना आज आम बात हो गई है। बीते चार साल से बीएससी नर्सिंग की परीक्षाएं नहीं करायी गई हैं। सरकार द्वारा संचालित तकनीकि विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय की धनराशि ही अपने स्वयं के खातों में डालकर डकार जाते हैं।
श्री पटवारी ने कहा कि आज शिक्षक दिवस के अवसर पर बड़े दुख और पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि न तो विश्व विद्यालयों, स्कूलों में परिसर की संस्कृति बची है, न ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और न ही अनुशासन बचा है। ऐसी स्थिति में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जो संपर्ण शिक्षक रहे हैं, जिन्होंने शिक्षक से भारत गणराज्य के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति तक की यात्रा की है, उनको हम नमन करते हैं। मप्र में व्याप्त वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर हम दुख प्रकट करते हैं और देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में विख्यात डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का सम्मान कर मप्र सरकार में संरक्षित शिक्षा माफियाओं द्वारा निर्मित वर्तमान शिक्षा प्रणाली के गिरते स्तर को सुधारने का आग्रह करते हैं।
