राघौगढ़ में जन्मे डॉक्टर ने बनाया कीर्तिमान

ड्रोन से 25 किमी दूर रक्त भेजकर बचाई मरीज की जान
हरिचरण सोनी।
राघौगढ़। मध्यप्रदेश में जीवन रक्षक दवाओं को ड्रोन से भेजने के बाद अब जीवन का पर्यायवाची कहे जाने वाले ब्लड को करीब 25 किलोमीटर दूर ड्रोन से भेजा गया है। इंदौर से महू तक ब्लड भेजने के लिए किए गए इस सफल प्रयोग का श्रेय गुना जिले के राघौगढ़ निवासी डॉ. राजेंद्र लाहोटी और उनके बेटे पार्थ लाहोटी को जाता है। जिन्होंने मरीज की जान बचाने के लिए यह अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है और इलाज में होने वाली देरी को कैसे टाला जा सकता है, इसका भी समाधान खोज निकाला है।
आपको बता दें कि 23 जुलाई को इंदौर के पलासिया स्थित मेडिकेयर हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. राजेंद्र कुमार लाहोटी और उनकी टीम ने महू में उपचारत मरीज को ब्लड पहुंचाने के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया। मेडिकेयर हॉस्पिटल से ब्लड लेकर ड्रोन ने दोपहर 12.18 बजे उड़ान भरी और 12.34 बजे महू पहुंच गया। इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए मेडिकल केयर के चेयरमैन डॉ. आरके लाहोटी, उनके बेटे और प्रोजेक्ट डायरेक्ट पार्थ लाहोटी सहित पूरी टीम लम्बे समय से प्रयास कर रही थी। एक ड्रोन से 25 किलोमीटर दूर ब्लड पहुंचाने वाले डॉ. आरके लाहोटी गुना जिले के राघौगढ़ निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राघौगढ़ में ही हुई। इसके बाद वे अमेरिका चले गए और कई वर्षों बाद स्वदेश लौटकर इंदौर में चिकित्सकीय सेवाएं शुरु कीं। डॉ. आरके लाहोटी के भाई नरेंद्र लाहोटी राघौगढ़-विजयपुर नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। लाहोटी परिवार द्वारा इंदौर में संचालित किए जा रहे मेडिकेयर अस्पताल ने बीते कई वर्षों में मरीजों के उपचार से संबंधित कई नए प्रयोग व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसी सिलसिले में ड्रोन से ब्लड पहुंचाने का मध्यप्रदेश में यह पहला मामला है। डॉ. आरके लाहोटी ने इस अभिनव प्रयोग के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहाकि यह तकनीक जाम लगने, पुल टूटने या अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने में रामबाण साबित होगी। खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल एम्स ने फरवरी 2024 में एक मरीज को जीवन रक्षक दवाएं पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था। लेकिन ड्रोन के जरिए ब्लड पहुंचाने का पहला कारनामा राघौगढ़ निवासी चिकित्सक द्वारा संचालित मेडिकेयर हॉस्पिटल ने सफलता पूर्वक कर दिखाया है।
