गोविंदपुरा डिस्पेंसरी के सामने गड्ढा बना ‘हादसा स्पॉट’
भोपाल के गोविंदपुरा स्थित सिविल डिस्पेंसरी के ठीक सामने बना बड़ा गड्ढा अब हादसों का हॉटस्पॉट बन गया है। हालत यह है कि दुर्घटना के स्थान और अस्पताल के बीच महज एक गेट का फासला है। इधर लोग गिर रहे हैं और उधर सीधे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
शनिवार को एक ही दिन में तीन लोग घायल होकर डिस्पेंसरी पहुंचे, जिनमें 28 वर्षीय युवक को गंभीर सिर की चोट आई। स्थानीय लोग और अस्पताल स्टाफ इसे रोज की समस्या बता रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
गोविंदपुरा सिविल डिस्पेंसरी के सामने सड़क पर बना यह गड्ढा पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि रोजाना यहां दो से तीन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं और सीधे डिस्पेंसरी पहुंच रहे हैं।
28 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल शनिवार को 28 वर्षीय राजेंद्र यादव काम पर जाते समय इस गड्ढे में बाइक फंसने से संतुलन खो बैठे और गिर गए। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें दोपहर करीब 12:30 बजे प्राथमिक इलाज के बाद एम्स भोपाल रेफर किया गया।
डिस्पेंसरी स्टाफ के अनुसार, शनिवार को राजेंद्र यादव के अलावा पुरषोत्तम और नरेश नाम के दो अन्य घायल भी इलाज के लिए पहुंचे। दोनों को हाथ-पैर में चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
सिलेंडर लेकर जा रहा युवक भी गिरा स्टाफ ने बताया कि पुरषोत्तम स्कूटी से गैस सिलेंडर लेकर जा रहा था। गड्ढे के कारण उसका संतुलन बिगड़ा और वह सिलेंडर सहित गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आई। उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी गई है।

मेट्रो निर्माण के कारण बढ़ी समस्या स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क का बड़ा हिस्सा बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। इसी संकरे मार्ग के बीच यह गड्ढा और ज्यादा खतरनाक हो गया है, खासकर अस्पताल के मोड़ पर।
स्थानीय रहवासी कई बार इस गड्ढे की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। तीन दिन में आधा दर्जन से ज्यादा लोग यहां गिरकर घायल हो चुके हैं।
स्टाफ ने कहा- रोज आ रहे घायल डिस्पेंसरी के स्टाफ का कहना है कि यह अब रोज की स्थिति बन गई है। गेट के बाहर बने गड्ढे के कारण लगातार घायल मरीज आ रहे हैं। उन्होंने इस समस्या की जानकारी लोकल अथॉरिटी को दे दी है, लेकिन समाधान अभी तक नहीं हुआ है।

