हिंदुस्तान के धार्मिक बाबा की अनकही दास्तान
दो दिन से एक राष्ट्रीय हिंदू बाबा एवं कथावाचक उत्तम स्वामी की खबरें पढ़ते – सुनते मुझे कल रात गहरी निद्रा में एक वास्तविकाता से अवगत कराने वाला स्वप्न आया कि एक मुत्तू स्वामी नाम का गलीच लड़का था, बहुत उपद्रवी था, उसका पढ़ने में कतई मन नहीं लगता था, 20 साल की उम्र में मुश्किल से 10वीं कक्षा तक पहुँच पाया था ! घर वालों को और दोस्तों को धोख़ा देता था, मोहल्ले की लड़कियों को छेड़ता था, स्कूल की अध्यापिकाओं पर बुरी नजर रखता था, बेईमानी का आलम ये था कि मुत्तू स्वामी ने प्राचार्य का एक अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था और उसका डर दिखा दिखा के स्कूल के प्राचार्य को ब्लेकमेल करता था क्योंकि प्रिंसिपल स्कूल की एक ऐडहॉक टीचर को स्थायी नौकरी का लालच दे देकर उसके साथ रंगरेलियां मनाता था I ऐसे तो मुत्तू स्वामी का सिगरेट, शराब, जुएं का खर्चा चलता था I मुत्तू स्वामी के माता – पिता , मोहल्ला , स्कूल सब उसके दोगलेपन , दुष्टता , कपट और नीचता से परेशान थे I एक दिन मुत्तू स्वामी काम वासना की आग में मोहल्ले की एक लड़की के साथ गलत इरादे से छेड़छाड़ कर देता है लड़की उसे पुलिस के हवाले कर देती हैं, पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है I ये खबर मिलते ही पूरे मोहल्ले वालों का और मुत्तू के घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता I
लेकिन मुत्तू स्वामी को कोई पश्चाताप नही होता और बल्कि वो जेल जाते जाते मोहल्ले वालों से फिल्मी स्टाइल में कहता है कि वो एक दिन कुछ बन के दिखायेगा I जेल से सजा काटने के बाद रोजगार के लिये भटकते भटकते मुत्तू स्वामी की नजर एक पोस्टर पर पड़ती है , पोस्टर पर लिखा था ” बापू आशाराम इंस्टीट्यूट ऑफ बाबागिरी – BAIB ( डिप्लोमा इन पाखंडगिरी , बेचलर इन पुराण और मास्टर्स इन कथावाचन )100% प्लेसमेंट , कोई फीस नहीं, रहना, खाना – पीना फ्री, कोई शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं , सिर्फ हरामीपन, बदमाशी, धूर्तता, कपटीपन और मक्कारी के सबूत ले के आईये और एडमिशन पाइये I पोस्टर में आगे लिखा था कि उम्मीदवार को कोर्स करने के बाद 3 साल तक बापू आशाराम इंस्टीट्यूट ऑफ बाबागिरी ( BAIB ) में अनुबंध के तौर पर काम करना पड़ेगा I बिना किसी निवेश के करोड़ों कमाने का अवसर मत गवाइए ..पैसा भी, सम्मान भी, आज ही आइये अपने सपनों को पंख दीजिये I
पोस्टर देख के मुत्तू स्वामी की बांछें खिल गयीं, आगे बढ़ा तो अनेको पोस्टर लगे दिखे जैसे ” चंद्रास्वामी अंधविश्वास संस्थान ” , ” नित्यानंद पाखंड रिसर्च ओर्गनाइजेशन ” और ” रामरहीम इंस्टीट्यूट ऑफ रेप टेक्नोलॉजी ” , लेकिन BAIB पुराना और प्रतिष्ठित संस्थान था तो मुत्तू स्वामी ने बापू आशाराम इंस्टीट्यूट ऑफ बाबागिरी में दाखिला ले लिया और कुछ सालों के कोर्स में धार्मिक लोगों को लूटने में पारंगत हो गया था, देखते देखते मुत्तू स्वामी का हुलिया पूरी तरह बदल गया था, गलीच आदमी गेरूए रंग में बदल गया, श्रद्धालु उसकी मूर्खताओं के मायाजाल में फंस चुके थे I धीरे धीरे उसे नेताओं का सरंक्षण मिलने लगा और नेताओं ने उसे आश्रम के लिये एकड़ों जमीन दिला दी और शने शने मुत्तू स्वामी की ख्याति बढ़ती गयी, अमीर पूँजीपति भी मुत्तू स्वामी की शरण में आने लगे और देखते देखते मुत्तू स्वामी करोड़ों का आसामी हो गया … अब मुत्तू स्वामी मृत्युनानंद स्वामी नाम से मशहूर हो गया I
मृत्युनानंद स्वामी ठहरा एक ठरकी, जलील किस्म का नीच आदमी, कब तक वो अपनी हवस को दबाता, वो अय्याशी करने लगा, बड़ी बड़ी कारें और प्राइवेट जेट से घूमने लगा, बड़े बड़े आश्रम का मालिक हो गया , अय्याशी के सारे साधनों का वो उपभोग करने लगा , उसको लगने लगा कि पुलिस , नेता और सरकारी प्रशासनिक अधिकारी तो उसके पैरो में पड़े रहते हैं, कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जिस मूर्ख, अनपढ़ जनता ने उसे शोहरत, पैसा, प्रभु का दर्जा दिया , मृत्युनानंद स्वामी ने उन्ही श्रद्धालुओं की बेटियों को अपने आश्रम में अपनी शिष्या बना लिया और भोग विलास में डूब गया I पाप का घडा तो फूटना ही था और मैंने सपने मे देखा कि मृत्युनानंद स्वामी जेल में एक अंधेरी कोठरी में सड़ रहा है I जेल के दरवाजे के खुलने की आवाज आई और मैंने देखा कि दो पुलिस वाले आये और मृत्युनानंद स्वामी को बेरहमी से पीटने लगा , मृत्युनानंद स्वामी की चीखों से मेरा स्वप्न टूट गया I
दुख और आश्चर्य की बात ये है कि पढ़े – लिखे लोग, पैसे वाले, इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षाविद् , प्रोफेसर आदि सभी धार्मिक पाखंड, अंधविश्वास में आकंठ डूब गये हैं I होशो हवास में मैं सोचने लगा कि आज से 20 – – 25 साल पहले मुझे लगता था कि हिंदुस्तान में जैसे जैसे शिक्षा के साथ साथ ज्ञान, बोध, समझ बढ़ेगी , हिंदुस्तान से अंधविश्वास, पाखंड, रूढ़िवादिता, परंपराएं, कुरुतियों में तेजी से कमी आयेगी , लेकिन अब मुझे महसूस हो रहा है कि अंधविश्वास, जादू टोना , धार्मिक पाखंड, कर्मकांड तो पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है, हम तेजी से 100 साल पहले की स्थिति में जा रहे हैं, शिक्षा के मंदिर बंद किये जा रहे हैं और पाखंड के आश्रम खोले जा रहे हैं I पाखंडी धर्म गुरुओं ( बाबा ) और अय्याश कथावाचक तेजी से हमारे समाज को विकृत करने के लिये असामान्य रूप से पैदा हो रहे हैं या सुनियोजित रूप से पैदा किये जा रहे हैं I अमेरिका, इंग्लेंड में रहने वाले शिक्षित इंग्लिश स्पीकिंग इंडियन भी अंधविश्वास की चपेट में आ गये हैं और हिंदुस्तान के पाखंडी बाबा विदेश में बुलाये जा रहे हैं I अब अंधविश्वास के इंग्लिश शब्द भी आ गये हैं जैसे bad vibes, good vibes, vibrations, auras, energies, positivity and negativity etc, पूरा देश अब धार्मिक पाखंड और अंधविश्वास की बर्बादी में गले तक डूब गया है और हमारा दुर्भाग्य ये है कि अब इंग्लैंड या दुनिया का कोई भी देश हमें भौतिक रूप से गुलाम नहीं बनाएगा लेकिन अमेरिका और चीन ने जरूर हमें आर्थिक रूप से लगभग गुलाम बना लिया है I
नमस्कार
राजेंद्र सोनी
संपादक, लेखक, चिंतक
मुक्ति की उड़ान ( निष्पक्ष सत्य के लिये उत्कृष्ट पत्रिका ) , भोपाल
Email : muktikiudaan@gmail.com
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