इंदौर कलेक्टर को खुला खत

0
Spread the love

 

RTI आवेदन बार-बार लगाने वालों की सूची तैयार करने का आपका विचार स्वागत योग्य है। पर साथ ही, कुछ और सूचियों की जरूरत है :-

👉 एक सूची उन भ्रष्ट अधिकारियों की भी बनाएं, जिनके दफ्तरों में बार-बार RTI आवेदन लगाए जाते हैं।

👉 एक सूची उन भ्रष्ट कामों की भी बनाएं, जिनकी जानकारी को बार-बार RTI में छिपाने का प्रयास किया जाता है।

👉 एक सूची उन अधिकारियों की भी जारी करें, जो कहते हैं कि RTI की वजह से “विकास कार्य” रुक रहे हैं।

👉 एक सूची उन अधिकारियों की भी बनानी चाहिए, जो RTI लगाकर ब्लैकमेल करने वालों के विरूद्ध BNS की धारा 351 के तहत FIR दर्ज नहीं कराते। जबकि BNS में FIR दर्ज़ कराने के स्पष्ट प्रावधान है।

👉 और एक सूची उन अधिकारियों की भी बननी चाहिए, जिनके पक्ष में कुछ तथाकथित RTI आवेदक “संतुष्टि का प्रमाण पत्र” देकर, सूचना आयोग में अपीलों को खारिज करवाने का खेल खेलते हैं।

मप्र में सूचना आयुक्त रहते हुए मैंने कुछ RTI आवेदक और अधिकारी के मैच फिक्सिंग के खेल को बेहद करीब से देखा और संभवत मैं देश में एक मात्र सूचना आयुक्त रहा जिसने RTI आवेदक के संतुष्टि प्रमाण पत्र के बावजूद अधिकारियों के विरुद्ध पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की।

मुझे इस बात की भी छोटी सी जिज्ञासा है कि वह कौन से ऐसे पावन, पुनीत विकास कार्य है जिसको लेकर हमारे ईमानदार अधिकारी ब्लैकमेल हो रहे हैं।

वैसे, प्रशासन का इतना कीमती समय इतनी सारी सूचियां बनाने में नष्ट न हो, इसका एक सरल उपाय भी है:-

पिछले 19 वर्षों से RTI Act 2005 की धारा 4 में स्पष्ट प्रावधान है कि सभी सार्वजनिक जानकारियां स्वतः पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाएं। अगर यह प्रावधान पूरी ईमानदारी से लागू कर दिया जाए, तो RTI का टंटा ही ख़त्म हो जाएगा।

हाँ, ये बात अलग है कि जब प्रशासन के सारे कामकाज पारदर्शिता से पब्लिक के सामने आने लगेंगे, तो जिस “विकास कार्य” में तेजी लाने की बात की जाती है, वहाँ शायद मंदी का माहौल बन जाए। ख़ैर आप सूची बनाए। ये जो पब्लिक है सब जानती है 😎
🙏🏼
सूचियों के इंतजार में।
राहुल सिंह
पूर्व राज्य सूचना आयुक्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481