औषधीय खेती करने वाले किसानों का दिल्ली में होगा सम्मान

औषधीय खेती और उसमें अच्छे परफार्मेंस के लिए मध्य प्रदेश के पांच किसानों को 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किला पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। वे दिल्ली रवाना हो गए हैं। राज्य औषधीय पादप बोर्ड ने इन किसानों का चयन किया है। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने औषधीय पौधों के उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष सम्मान के लिए चयनित किसानों को शुभकामनाएं दी हैं।
आयुष मंत्री परमार ने आयुष विभाग अंतर्गत राज्य औषधीय पादप बोर्ड की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इन किसानों ने औषधीय पौधों की खेती में अच्छा काम कर प्रदेश और देश में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इनके प्रयासों से न केवल औषधीय पौधों की आपूर्ति एवं गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
परमार ने आशा व्यक्त की कि सम्मानित होने वाले किसान आने वाले समय में प्रदेश के अन्य किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रेरित भी करेंगे। अपर सचिव आयुष एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि यह पहल किसानों को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।
पुरस्कार के लिए इन किसानों का चयन
रतलाम जिले के दिनेश धाकड़ एवं यशोदा धाकड़, निवाड़ी जिले के नेगुवान के बलराम कुशवाह एवं गायत्री कुशवाह, बालाघाट जिले के रामेश्वर प्रसाद सोनकर एवं देविका सोनकर, सागर जिले के आकाश चौरसिया एवं उज्जैन जिले के सुरेश धाकड़ एवं आशा बाई का पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
