विधायक बोले- महाकाल गर्भगृह में विवाद नहीं किया

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इंदौर 3 विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा, ‘हमने महाकाल मंदिर के गर्भगृह में किसी से विवाद नहीं किया। हम बीते 25 साल से हजारों कांवड़ यात्रियों के साथ महाकाल मंदिर में जलाभिषेक करते आ रहे हैं। इस बार भी हमने विधिवत पूजा की। गर्भगृह में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। ये सब सनातन धर्म और हमारी कांवड़ यात्रा को बदनाम करने का षड्यंत्र है।’

दरअसल, शुक्ला और उनके बेटे रुद्राक्ष पर महाकाल मंदिर के गर्भगृह में बिना अनुमति घुसने और पुजारियों-कर्मचारियों से अभद्रता करने के आरोप हैं। उज्जैन कलेक्टर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। वहीं, बीजेपी संगठन में भी मामले को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट चल रही है।

मामला सावन सोमवार के मौके पर 21 जुलाई का है। घटना भस्म आरती से ठीक पहले की बताई जा रही है। हालांकि, इस दिन भस्म आरती से ठीक पहले ऑनलाइन दर्शन की यूट्यूब लिंक करीब 1 मिनट तक ब्लैंक है।

मंदिर समिति की ओर से चौबीसों घंटे ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था है।
मंदिर समिति की ओर से चौबीसों घंटे ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था है।

बीजेपी के दिल्ली के पदाधिकारी ले रहे संज्ञान

बीजेपी संगठन इस मामले को लेकर सक्रिय हुआ है। बीजेपी सूत्रों की मानें तो महाकाल मंदिर में हुए विवाद की जानकारी दिल्ली के पदाधिकारी लोकल नेताओं से फोन पर ले रहे है। वहीं, इंदौर बीजेपी कार्यालय में पदाधिकारियों ने किसी को भी इस मामले में बात करने की मनाही की है।

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पार्टी की इमेज खराब नहीं हो इसके लिए पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर ही पटापेक्ष होने की बात कहीं जा रही है।

विधायक बोले- कांग्रेस हवा दे रही विधायक गोलू शुक्ला ने पूरे घटनाक्रम को झूठा और निराधार बताया है। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे लोग नहीं हैं कि किसी के साथ गलत व्यवहार करें। हम एक सभ्य समाज से हैं। हमारी कांवड़ यात्रा अनुशासन में चलती है। यह सब झूठी बातें हैं। कांग्रेस इस मामले को हवा दे रही है।’

उन्होंने यह भी कहा कि वे 4 अगस्त को 10 हजार महिलाओं के साथ कलश यात्रा निकालने जा रहे हैं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगातार लगे हैं।

तस्वीर 2021 के सावन महीने की है। रुद्राक्ष शुक्ला ने तब भी नियम विरुद्ध दर्शन किए थे।
तस्वीर 2021 के सावन महीने की है। रुद्राक्ष शुक्ला ने तब भी नियम विरुद्ध दर्शन किए थे।

एक मिनट तक दर्शन का लाइव प्रसारण बंद महाकाल मंदिर में भस्म आरती का ऑनलाइन प्रसारण होता है, लेकिन सावन के दूसरे सोमवार को लाइव यूट्यूब लिंक करीब 1 मिनट तक ब्लैंक रहा। माना जा रहा है कि वीवीआईपी प्रवेश के दौरान यह प्रसारण रोक दिया गया था।

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर बैन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। यहां केवल पुजारी ही जा सकते हैं। वीआईपी भी नंदी के नजदीक से ही दर्शन कर सकते हैं। प्रतिबंध भगवान महाकाल की प्रतिमा की सुरक्षा को देखते हुए लगाया गया था।

अप्रैल में देवास की माता टेकरी पर हुआ था विवाद यह पहला मौका नहीं है, जब रुद्राक्ष शुक्ला पर ऐसे आरोप लगे हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने देवास की माता टेकरी पर रात के समय जबरन मंदिर खुलवाने की कोशिश की थी। वहां पुजारी से विवाद और मारपीट भी हुई थी। बाद में बीजेपी संगठन के हस्तक्षेप के बाद रुद्राक्ष ने माफी मांगी और थाने में सरेंडर किया था।

उस समय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली से रिपोर्ट तलब की थी और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को इंदौर भेजा गया था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा था कि इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों, यह सुनिश्चित करें।

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