करणी सेना अध्यक्ष मकराना की बीजेपी को चेतावनी

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राजपूत समाज के कारण ही बीजेपी ने हरियाणा और महाराष्ट्र का चुनाव जीता है। दिल्ली की गद्दी दिलाने में राजपूत समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। राजपूत बीजेपी का कोर वोटर है, अगर हमें नजरअंदाज किया गया तो बिहार में चुनाव आ रहे हैं। वहां लाखों की संख्या में राजपूत समाज रहता है।

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दैनिक भास्कर से बातचीत में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कुछ इसी अंदाज में बीजेपी को धमकी दी है। मकराना ने ये भी कहा कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी तो राजपूत समाज एक बड़ा आंदोलन करेगा। दरअसल, 13 जुलाई को हरदा में चक्काजाम कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।

पुलिस ने इस मामले में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर समेत 60 कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया था। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद जब पूरे प्रदेश में आंदोलन और प्रदर्शन हुए और राष्ट्रीय अध्यक्ष मकराना ने हरदा पहुंचने का ऐलान किया। पुलिस ने सोमवार सुबह प्रदेश अध्यक्ष शेरपुर समेत 50 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया।

मकराना का कहना है कि पुलिस ने पूरी साजिश के तहत शेरपुर और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की है। और क्या कहा मकराना ने पढ़िए पूरी बातचीत

सवाल: इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? जवाब: पुलिस ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ क्रूर व्यवहार किया है। ये पहली बार है जब करणी सेना पर लाठीचार्ज हुआ है। प्रशासन ने सारी हदें पार कर दीं। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी है। कोई ऐसी परिस्थितियां नहीं बनी थीं, जिससे लाठीचार्ज की नौबत आती। पुलिस ने बिना सोचे-समझे ही ये कार्रवाई की। प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर तो घटनास्थल पर रुके भी नहीं थे।

युवाओं को जिस बर्बरता से पीटा गया, वह समझ से परे है। अगर उन्होंने उपद्रव किया होता या तोड़फोड़ की होती तो एक बार के लिए इस लाठीचार्ज को जायज माना जा सकता था। यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इसके बाद भी युवाओं को पीटा गया। पुलिस ने राजपूत छात्रावास को टारगेट किया। एक-एक कमरा खोलकर युवाओं के साथ मारपीट की। बच्चियों से भी अभद्रता की गई।

सवाल: पुलिस ने जीवन सिंह को तो रिहा कर दिया? जवाब: प्रशासन को लगता है कि जीवन सिंह को छोड़ देने से मामला सुलझ गया है, तो मैं बता दूं कि राजपूत समाज इस मुद्दे को ऐसे ही नहीं छोड़ेगा। जीवन सिंह की रिहाई के बाद मैं उनसे उज्जैन में मिला और करीब 2 घंटे तक हमारी बातचीत हुई है। उन्होंने मुझे बताया कि मप्र में राजपूत समाज एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने वाला है।

आने वाले दिनों में विधानसभा भी शुरू होने वाली है। राजपूत समाज विधानसभा का घेराव भी करेगा। अगर किसी को लगता है कि लाठी के दम पर वह राजपूतों को चुप कर लेंगे तो बड़ी गलतफहमी में है। इससे पहले भी जब शिवराज जी की सरकार थी तब भी राजपूतों ने आंदोलन किए, मगर किसी आंदोलन को लाठी के जोर पर दबाने की हिमाकत नहीं हुई।

​​सवाल: प्रशासन का तर्क है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बन गई थी। जवाब: कानून व्यवस्था की राजपूत समाज को ही चिंता थी। यदि हमने चिंता नहीं की होती तो हमारे 5 हजार लोग थे जो 500 पुलिसवालों पर भारी पड़ जाते। पुलिस वालों ने जिस तरह से आंसू गैस के गोल छोड़े, डंडे चलाए, करणी सेना के पदाधिकारियों की गाड़ियां तोड़ दीं। ये सारे काम हमारे कार्यकर्ता भी कर सकते थे, लेकिन हम कानून पर भरोसा करते हैं। हम लोग अनुशासित हैं।

पुलिस ने वालों ने हमारे युवाओं को उकसाने की भी कोशिश की, ताकि पलटवार हो और सभी लोगों को उपद्रव के आरोप में जेल में बंद कर दिया जाए। हरदा में पुलिस वालों ने जो किया वो आतंकवादी या कश्मीर के पत्थर बाज करते हैं। यदि हमारे लड़कों में से किसी ने गाली भी दी तो क्या पुलिस इस तरह से मारपीट पर आमादा होगी।

करणी सेना के जीवन सिंह शेरपुर समेत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करती पुलिस।
करणी सेना के जीवन सिंह शेरपुर समेत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करती पुलिस।

सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि ये व्यक्तिगत मामला है? जवाब: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बनने की गलतफहमी पाले हुए हैं। मैं उन्हें बता देता हूं कि योगी आदित्यनाथ ने कभी भी आमजन को परेशान नहीं किया है। अभी आगरा में राजपूत समाज ने विरोध प्रदर्शन किया था।

इस प्रदर्शन में राजपूत समाज ने लाखों की संख्या में तलवारें लहराई थीं, लेकिन किसी की उंगली तक नहीं कटी। यह राजपूत समाज को बदनाम करने की साजिश है। प्रजातंत्र में अगर 100-50 लोग इकट्ठा होकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो आप उन्हें इकट्ठा होने से पहले ही लाठीचार्ज कर दोगे क्या?

कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे।
कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे।

सवाल: क्या आप बीजेपी को चेतावनी दे रहे हैं? जवाब: इस समय बीजेपी पूरे देश में है तो यह राजपूत समाज की ही ताकत है। ​​राजपूत समाज के कारण ही बीजेपी ने हरियाणा और महाराष्ट्र का चुनाव जीता है। दिल्ली की गद्दी दिलाने में राजपूत समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। राजपूत बीजेपी का कोर वोटर है। अगर हमें नजरअंदाज किया गया तो आने वाले दिनों में बिहार में चुनाव है।

वहां लाखों की संख्या में राजपूत समाज रहता है। जिस जीवन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया उसने तो बीजेपी के लिए 13 राज्यों में 50 हजार किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा की है। इन्हें लगता है कि हम यूं ही चुप हो जाएंगे? आपने ऐसे नेताओं को पद दे दिया है जिन्हें कुछ पता है नहीं, वे युवाओं पर बर्बरता कर रहे हैं। हरदा में गए सभी युवा बीजेपी समर्थक ही थे। जो लोग इस मामले में कांग्रेस-बीजेपी कर रहे हैं वो मूर्ख हैं।

कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का विरोध करने दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे थे।
कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का विरोध करने दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे थे।

​​सवाल: आपकी राजपूत समाज के बीजेपी नेताओं से बात हुई? जवाब: हमने मध्य प्रदेश और राजस्थान के राजपूत नेताओं से संपर्क किया था, लेकिन बहुत से नेताओं ने तो फोन ही नहीं उठाए। जिन्होंने फोन उठाए हैं, वे बीजेपी के नहीं थे। वहीं बीजेपी के उन नेताओं ने हमारा साथ दिया जो राजपूत समाज से नहीं आते। हरदा में परशुराम सेवा के एक पदाधिकारी ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि हम आपके साथ हैं।

राजपूत समाज के सारे नेता जो मुंह में दही जमा कर बैठे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि समाज के नाम पर उन्हें टिकट मिलती है। वे मंत्री बनाए जाते हैं। समाज के युवाओं पर विपत्ति आने पर वे कुछ नहीं बोलते। इनसे बढ़िया तो कांग्रेस के नेता है, जिन्हें हम लोग वोट नहीं देते। दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचकर घायलों से मिले। बीजेपी नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस के नेता बच्चों को राजनीति का टूल बना रहे हैं।

मैं पूछना चाहता हूं कि बच्चों को मारा किसने? मप्र में किस पार्टी की सरकार है? ये तो बीजेपी की ही जिम्मेदारी है। प्रशासन भी तो बीजेपी का है। राजपूत समाज बीजेपी को ही वोट देता है। फिर इस मसले पर राजनीति कौन कर रहा है बीजेपी या कांग्रेस?

सवाल: करणी सेना परिवार क्या चाहता है? जवाब: हम इसका विरोध करेंगे। हम दो-तीन दिन में दिल्ली में एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। करणी सेना ने 19 साल में कभी लाठियां नहीं खाई हैं। अगर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह दोषी थे, तो उन्हें बिना बेल ऑर्डर के क्यों छोड़ा गया? और वे दोषी नहीं थे तो 24 घंटे उन्हें थाने में क्यों रखा? जिस तरह से 8 जनवरी को हमने भोपाल में एक बड़ा आंदोलन किया था। वैसा ही आंदोलन करेंगे।

अगर सरकार आंदोलन नहीं चाहती तो जो अधिकारी-पुलिसकर्मी इसमें दोषी हैं, उन्हें जल्द से जल्द सस्पेंड किया जाए। एक एसआई ने तो सेंट्रल जेल में बंद होने के बाद भी हमारे 50 युवाओं को एक घंटे तक पीटा। वह कह रहा था कि ‘अब तुम्हें सबक सिखाता हूं, दोबारा मत आना आंदोलन करने।’ उन्हें तब तक मारा जब तक कि वे ये नहीं बोले कि ‘हम दोबारा आंदोलन में नहीं आएंगे’।”

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