डॉ. ऋचा पांडे के पति पर चलेगा हत्या का केस

0
Spread the love

भोपाल में नवविवाहिता डॉ. रिचा पांडे की संदिग्ध मौत के मामले में पति डॉ. अभिजीत पांडे के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश नीलू संजीव श्रंगीऋषि की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अभिजीत पांडे पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज हत्या, हत्या, दहेज प्रताड़ना और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं।

बता दें, 21 मार्च 2025 को डॉ. रिचा पांडे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजन ने दहेज की मांग को लेकर पति पर जहर देकर हत्या की आशंका जताई थी। शाहपुरा पुलिस को बंसल अस्पताल से डॉ. रिचा पांडे की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी।

पुलिस ने 24 मार्च को रात 10 बजे अभिजीत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया था।

27 जून को पेश किया चालान जांच में डॉक्टर रिचा के हाथ में इंजेक्शन लगाने के निशान मिले थे। एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देकर हत्या किए जाने के आरोप मृतिका के परिजन ने आरोपी डॉ. अभिजीत पांडे पर लगाए थे।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद‌ आरोपी डॉ. अभिजीत पांडे के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, दहेज हत्या और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर 27 जून को जिला अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया था।

डॉ. रिचा पांडे मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली थी। उनकी शादी दिसंबर 2024 में सतना के रहने वाले डॉ. अभिजीत पांडे से हुई थी।

डॉ. रिचा की शादी दिसंबर 2024 में डॉ. अभिजीत पांडे से हुई थी।
डॉ. रिचा की शादी दिसंबर 2024 में डॉ. अभिजीत पांडे से हुई थी।

सुसाइड वाले दिन पति ने कहा- साथ में डिनर किया रिचा की लाश मिलने के बाद पति अभिजीत पांडे ने कहा था कि बैक पैन की शिकायत के चलते वह 20 मार्च की रात अलग कमरे में सोया था। इससे पहले रिचा के साथ डिनर किया था। 21 मार्च को सुबह जब रिचा के कमरे का गेट नहीं खुला तब मजदूरों को बुलाकर गेट को तुड़वाया।

पत्नी बेसुध हालत में बिस्तर पर पड़ी थी। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। तत्काल उसे बंसल हॉस्पिटल पहुंचाया गया।

पिता ने लगाए थे आरोप- 3 करोड़ मांग रहा था

रिचा का अंतिम संस्कार 22 मार्च को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में किया गया। इस दौरान रिचा के पिता ने बताया था कि दहेज में घर दिलाने के नाम पर दामाद 3 करोड़ रुपए की मांग भी करता था। मांग पूरी नहीं होने के कारण रिचा को परेशान करता था। देरी से घर लौटता था। शंका होने के बाद रिचा ने उसके संबंध में पड़ताल की, तब उसके संदिग्ध आचरण की चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं।

दामाद के क्लीनिक पर आते थे किन्नर डॉक्टर के पिता विनोद चंद्र पांडे ने कहा था – दामाद कब आता, कब जाता, बेटी उससे ज्यादा मतलब नहीं रखती थी। इसके पीछे बेटी का एक ही मकसद था, परिवार में किसी प्रकार का कलेश न हो। लेकिन, दामाद के आचरण को लेकर उसे बड़ी जानकारी मिली थी।

उसके क्लीनिक में अधिकांश किन्नर ही आते थे। दामाद अपने क्लीनिक में सेक्स रैकेट चलाता था इसलिए वह दूसरे पेशेंट से ज्यादा मतलब नहीं रखता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481