दिल्ली में सनातन संत संसद में होगी श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर चर्चा भोपाल। प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने शनिवार को होटल शुभ इन में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है। संत समाज चाहता है कि इसे लेकर जल्द से जल्द कोई रणनीति बने। संत समाज और धर्माचार्यों को दिल्ली में 25 फरवरी को आयोजित सनातन संत संसद में हमने आमंत्रित किया है। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि इस संसद के आयोजन का एकमात्र मकसद जनता के साथ बैठकर ये समझना है कि हम सभी के साथ क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये भारतीय संस्कृति और सनातन का पुनर्जागरण का काल है। देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा कि ‘सनातन संत संसद’ में हम प्लान करेंगे कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण कैसे हो सकेगा। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि आप इस मंदिर को लेकर हमारा साथ दीजिए। इसके साथ ही सभी दलों को आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा कि वो बताएं कि वो हमारे लिए क्या सहयोग कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कोशिशों को तेज करने की जरूरत है। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मुझे बीजेपी का प्रवक्ता कहते हैं, लेकिन ये सोच गलत है। मैं ‘सनातन’ का प्रचारक हूं। मैं बीजेपी को धन्यवाद देता हूं क्योंकि उन्होंने राममंदिर बनाया। उन्होंने कहा कि हमारे भारत देश की पहचान सनातन धर्म, संस्कृति और संस्कारों से है। भारत के प्राचीन मूल्यों का अस्तित्व सनातन, संस्कृति और संस्कारों में निहित है। कई सालों के लंबे इंतजार के बाद यह स्वर्णिम वक्त हम लोगों के सामने आया है, जब सनातन धर्म को उसका वास्तविक मान-सम्मान देश में राजनैतिक स्तर से भी मिल रहा