अब बैरागढ़ से नहीं गुजरेंगी इंदौर, उज्जैन-सीहोर की बसें
इंदौर, उज्जैन-सीहोर की बसें अब भोपाल के बैरागढ़ से न जाकर गांधीनगर से गुजरेगी। बैरागढ़ में डबल डेकर ब्रिज के निर्माण से यह फैसला लिया गया है। इससे जाम की नौबत नहीं बनेगी।
बता दें कि, भोपाल में मध्यप्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज बन रहा है। इसकी लागत 221 करोड़ रुपए आएगी। बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) में बनने वाले ओवरब्रिज की लंबाई 3 किलोमीटर और चौड़ाई 60 फीट रहेगी। इसके बनने के बाद नीचे गाड़ियां तो ऊपर मेट्रो दौड़ेगी।
वहीं, इंदौर-भोपाल आना-जाना आसान होगा। बैरागढ़ में जाम में गाड़ियां नहीं फंसेंगी। हालांकि, निर्माण के दौरान जाम की स्थिति बन रही है और हर रोज हजारों लोग जाम में फंसते हैं। इसलिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यात्री बसों को बाहर से गुजारे जाने का आदेश दिया है।

बसों के संचालन को लेकर यह बदलाव कलेक्टर सिंह के आदेश के बाद परिवहन विभाग ने यात्री बसों का रूट डायवर्ट किया है। अब तक बसें हलालपुर बस स्टैंड से बैरागढ़ होते हुए इंदौर, आष्टा, सीहोर, उज्जैन की ओर जाती है, लेकिन अब इन्हें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी, गांधीनगर से सीहोर बायपास (फंदा) होते हुए इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर डायवर्ट किया जाएगा। यानी, यात्री बसें बैरागढ़ से नहीं गुजरेगी। ताकि, जाम की स्थिति न बनें।
यहां से बनेगा ब्रिज
लाऊखेड़ी सीवेज पंप से झूलेलाल विसर्जन घाट तक 3 किलोमीटर लंबे और 19 मीटर (60 फीट) चौड़े इस एलिवेटेड डबल डेकर फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। पिलर का निर्माण होने से बेरिकेडिंग की गई है। इस वजह से दोनों ओर सड़क छोटी हो गई है। चौड़ाई इतनी ही है कि एक बार में एक बस ही गुजर सके, जबकि यहां पर ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। बड़ा कपड़ा मार्केट होने से भोपाल समेत आसपास के डेढ़ सौ किलोमीटर दूर तक के व्यापारी खरीदी करने आते हैं।
