दलित की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या

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शिवपुरी के इंदरगढ़ गांव में रास्ते को लेकर हुए विवाद में मंगलवार शाम एक युवक की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड का आरोप सरपंच और उसके परिवार पर है। मामले में पुलिस ने सरपंच, उसकी पत्नी और बेटे सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या का केस किया था।

वहीं, बुधवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजन शव लेकर शिकायत दर्ज कराने सुभाषपुरा थाना पहुंचे। आरोप लगाया कि पुलिस वक्त पर पहुंचती तो नारद की जान बच सकती थी। परिजन ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की। इसके अलावा पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस, आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इसके लिए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है।

इसके बाद कोई सुनवाई नहीं होने पर परिजन और ग्रामीणों ने NH-46 पर 1 घंटे तक चक्का जाम किया। चक्का जाम में पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा भी मौजूद रहे। एसडीएम उमेश कौरव, एडिशनल एसपी संजीव मुले ने जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन ने चक्का जाम खत्म किया।

एनएच-46 पर ग्रामीणों ने शव रखकर चक्का जाम किया।
एनएच-46 पर ग्रामीणों ने शव रखकर चक्का जाम किया।

सीएम ने की सहायता राशि देने की घोषणा घटना को लेकर सीएम मोहन यादव ने दुख जताते हुए मृतक के परिजन को 4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने X पर लिखा-

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इंदरगढ़ में दो पक्षों में हुए आपसी विवाद में एक युवक को गंभीर चोट आई, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु होने का समाचार बहुत ही दुःखद है। 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। परिजन को चार लाख रुपए आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।​​​​​​

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प्रदर्शन को देखते हुए हाईवे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
प्रदर्शन को देखते हुए हाईवे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।

बोरवेल को लेकर हुआ था दो पक्षों में विवाद स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव के सरपंच पदम धाकड़ ने नारद के मामा रघुवीर और करण के साथ मिलकर खेत में सिंचाई और दूसरे कामों के लिए एक बोर कराया था। इस बोर से नारद के मामा जमीन की सिंचाई और सरपंच परिवार होटल के लिए पानी लेता था। लेकिन, सरपंच पदम धाकड़ और उसके भाई मोहर पाल धाकड़ ने नारद जाटव के मामा की जमीन से होटल के लिए पीछे से रास्ता बना लिया था। इसी बात से दोनों पक्षों के बीच अकसर विवाद होने लगा था।

दौरार गांव का रहने वाला 30 साल का नारद जाटव पुत्र विष्णु जाटव इंदरगढ़ आया था। यहां नारद और सरपंच पदम धाकड़ के बीच बोरवेल को लेकर विवाद हो गया। इस विवाद में नारद ने बोरवेल पाइप लाइन उखाड़कर फेंक दी थी।

इसके बाद झगड़ा बढ़ा और सरपंच पदम धाकड़, उसके भाई मोहर पाल धाकड़, सरपंच के बेटे अंकेश धाकड़, जसवंत धाकड़, पत्नी दाखा बाई और विमल धाकड़, निक्की उर्फ अवधेश धाकड़, बेताल धाकड़ ने लाठियों से पीट-पीट कर नारद की हत्या कर दी।

मारपीट की 3 तस्वीरें देखिए-

नारद और सरपंच पदम धाकड़ के बीच खेत में लगे बोरवेल को लेकर विवाद हो गया।
नारद और सरपंच पदम धाकड़ के बीच खेत में लगे बोरवेल को लेकर विवाद हो गया।
सरपंच ने परिवार के साथ लाठियों से पीट-पीट कर नारद की हत्या कर दी।
सरपंच ने परिवार के साथ लाठियों से पीट-पीट कर नारद की हत्या कर दी।
मारपीट के बाद गंभीर हालत में नारद जाटव को अस्पताल ले जाते परिजन।
मारपीट के बाद गंभीर हालत में नारद जाटव को अस्पताल ले जाते परिजन।

कमलनाथ बोले- मध्यप्रदेश में दलित वर्ग सुरक्षित नहीं घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम कमलनाथ ने X पर लिखा- दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड के बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि मध्यप्रदेश में दलित वर्ग सुरक्षित नहीं है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता, जिस दिन प्रदेश में दलितों पर अत्याचार की घटना नहीं होती हो।

दुर्भाग्य की बात है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते हैं और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि प्रदेश में दलित और आदिवासियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।

पटवारी ने लिखा- दलित परिवारों पर लगातार अत्याचार

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में अपने X हैंडल पर लिखा –

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भाजपा राज में मेरे दलित भाई को लाठियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। भाजपा का राज आज दलितों के लिए शोषण और अत्याचार का पर्याय बन चुका है। गृहमंत्री विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं और यहां उनके संरक्षण में पनप रहा माफिया मेरे दलित परिवारों पर हर रोज अत्याचार के नए किस्से लिख रहा है।

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बीजेपी का जवाब- वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस के X पोस्ट पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने लिखा- शिवपुरी में सख्त कार्रवाई करते हुए 8 लोगों पर FIR दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। धार्मिक-जातिवादी रंग देकर कांग्रेसी समाज में वैमनस्य फैलाने की कितनी भी कोशिश कर लें, परंतु सदैव स्मरण रखें कि मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के लिए कानून सर्वोपरि और न्याय सर्वप्रथम है।

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