संविधान पर ‘रार’ रवि अवस्थी
समूचे देश में 26 नवंबर को संविधान दिवस उल्लास के साथ मनाया गया..मप्र में ही राजधानी भोपाल समेत जगह—जगह संवैधानिक ज्ञान से जुड़े अनेक आयोजन हुए..इनमें बीजेपी,कांग्रेस ने एक—दूसरे पर संविधान विरोधी होने के आरोप लगाते हुए खुद को संविधान का सच्चा पालनकर्ता बताया..राजनेताओं के इन आरोपों के बीच आमजन हतप्रभ की मुद्रा में है…
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संविधान दिवस के मौके पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी में पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय जामवाल ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान का सिर्फ किताब माना,लेकिन बीजेपी ने इसे ग्रंथ मानकर पूजा है..कांग्रेस ने अपने शासनकाल में 90 बार संशोधन का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या की है..वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के प्रतिकूल साबित हो रही धारा 370 व 35ए को संवैधानिक तरीके से हटाया…वहीं संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि संविधान आज गलत हाथों में है..इसका दुरुपयोग एक विचारधारा विशेष को मजबूत करने में किया जा रहा है…
हैडर
संविधान को लेकर अलग—अलग दावे
बीजेपी,कांग्रेस खुद को बता रहे सही
‘संविधान को कांग्रेस ने किताब माना’
‘बीजेपी ने संविधान को ग्रंथ मान पूजा’
‘संविधान का कांग्रेस ने किया दुरुपयोग’
‘कांग्रेस ने 90 बार संविधान को बदला’
संविधान आज गलत हाथों में: दिग्विजय
विचारधारा को मजबूत करने में उपयोग
लोकतंत्र की हत्या के भी लग रहेआरोप
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संविधान को लेकर मची रार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह पहली बार चुनाव का मुद्दा भी बना..बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने संविधान बदलने की आशंका जताते हुए बीजेपी के खिलाफ हवा बनाने का जतन किया…इसमें कुछ हद तक उसे सफलता भी मिली..कांग्रेस नेता राहुल गांधी सभा मंचों से संविधान की पुस्तक लहराते दिखे..तो बीजेपी ने पुस्तक को कोरी लाल किताब बताते हुए राहुल पर शहरी नक्सलवाद को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए..राहुल संविधान में संशोधन के जरिए जातिगत जनगणना की बात कह रहे हैं तो बीजेपी ने कहा कि जातिगत जनगणना अंग्रेजों का फॉर्मूला रहा है…जिनकी नीति ही थी फूट डालो और राज करो…कांग्रेस उन्हीं के नक्शेकदम पर है…
देश में संविधान पहली बार चुनावी मुद्दा
लोकसभा चुनाव में लगे परस्पर आरोप
संविधान बदलने के दावे कर बनाई हवा
कोरी लाल किताब को लेकर उठे सवाल
‘जातिगत जनगणना था अंग्रेजों का फॉर्मूला’
फूट डालो राज करो,थी अंग्रेजों की नीति
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संविधान दिवस पर इसके निर्माताओं का भी पुण्य स्मरण हुआ…भोपाल में ही हुए राज्य स्तरीय आयोजन में मप्र से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित 29 हस्तियों का जिक्र संविधान निर्माण के लिए किया गया..वहीं कुछ राजनीतिक मंचों से कांग्रेस पर बाबा साहेब के अपमान का आरोप भी बीजेपी कांग्रेस पर लगाती रही है..उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की बात तो कई बार मंच से उठ चुकी है..यानी संविधान व इसके निर्माताओं के नाम को लेकर सियासत नई बात नहीं है,लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने जिस तरह संविधान को अपना हथियार बनाया..अब उसका ही जवाब संविधान दिवस के बहाने सियासी मंचों से दिया जा रहा है…
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संविधान निर्माताओं को लेकर भी सियासत
संविधान दिवस पर 29 हस्तियों को जिक्र
अंबेडकर के नाम को लेकर भी सियासत
दिवस के बहाने BJP ने कांग्रेस को घेरा
BJPने दिया चुनावी मुद्दे का करारा जवाब
लगा लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप
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लोकतंत्र में सियासत के कई रंग हैं..चुनाव हों या न हों,प्रमुख सियासी दल एक—दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं चूकते..लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन आईएनआईडीए विशेषकर कांग्रेस ने जहां संविधान बदलने का दावाकर चुनाव जीतने का जतन किया..वहीं बीजेपी ने अब संविधान दिवस के बहाने कांग्रेस पर पलटवार किया..यानी संविधान भी सियासत का मुद्दा बना हुआ है और इसे लेकर देश के दोनों ही प्रमुख राष्ट्रीय दल एक—दूसरे पर हमलावर भी हैं…
