खंडवा में प्रिंसिपल ने जहर पीया, 4 दिन से भर्ती:बोले-स्टूडेंट्स के सामने अश्लील कमेंट करती है महिला टीचर, दो बार सस्पेंड हो चुकी

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खंडवा में सरकारी हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य (प्रिंसिपल) ने जहर पी लिया। वे जिला अस्पताल में 4 दिन से भर्ती हैं। उन्होंने सुसाइड अटैम्प्ट के पीछे दो सहकर्मियों को जिम्मेदार बताया है। महिला टीचर और उसके सहयोगी शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर वे प्राचार्य का चार्ज छोड़ने तक की पेशकश कर चुके हैं।

प्रिंसिपल का आरोप है कि लेडी टीचर स्टूडेंट्स के सामने अश्लील कमेंट करती है। उसका रिकॉर्ड ऐसा है कि दो बार सस्पेंड हो चुकी है।

आदिवासी समाज के सुखलाल सोलंकी मूल रूप से खरगोन के रहने वाले हैं। खंडवा शहर के रवींद्र नगर में परिवार के साथ रहते हैं। जावर संकुल के सुखलई (जामली सैय्यद) हाईस्कूल में प्रभारी प्राचार्य के पद पर हैं। वे 8 मार्च को जहर अपने साथ स्कूल ले गए। वॉट्सऐप पर स्टेटस डाला, ‘मेरी लाइफ का द एंड।’

पत्नी ने इसे देखते ही फौरन स्कूल की एक महिला कर्मी को फोन पर सूचना दी। स्कूल में मौजूद मिड-डे-मील का स्टाफ उन्हें जावर अस्पताल लेकर आया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

प्रिंसिपल ने 8 मार्च को स्कूल से यह वॉट्सऐप स्टेटस डाला था।
प्रिंसिपल ने 8 मार्च को स्कूल से यह वॉट्सऐप स्टेटस डाला था।

प्रभारी प्राचार्य सोलंकी ने दैनिक भास्कर को सुनाई आपबीती…

स्टाफ के साथी मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। वे क्लास भी अटैंड नहीं करते हैं। मैं उन्हें कुछ नहीं कहता। फिर भी मेरे खिलाफ साजिश रचते हैं और झूठी शिकायतें बनाकर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) के पास जाते हैं। स्कूली बच्चों के सामने गलत भाषा बोलते हैं। लड़ाई-झगड़ा करते हैं।

माध्यमिक शिक्षक बेवजह धमकाती हैं कि महिला आयोग चली जाऊंगी। बर्खास्त करवा दूंगी। जेल भिजवा दूंगी। उनका रिकॉर्ड ऐसा है कि वे पहले दो बार सस्पेंड हो चुकी हैं। होशंगाबाद में रहते हुए पहली बार सस्पेंड हुईं। वहां के बीईओ पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। 2011-12 में खंडवा के जलवा बुजुर्ग में ट्रांसफर होकर आईं। यहां बच्चों की फीस डकार गईं। वित्तीय अनियमितता में डीईओ ने सस्पेंड किया था।

तीन-चार महीने बाद डीईओ ने बहाली कर सुखलई स्कूल भेज दिया। इस शर्त पर कि वे सिर्फ अध्ययन कराएंगी। स्टाफ और प्राचार्य के काम में हस्तक्षेप नहीं करेंगी। लेकिन वे आते ही विवाद करने लगीं। 17 अगस्त को मुझसे बच्चों की फीस के 25 हजार रुपए छीन लिए।

मैंने डीईओ से शिकायत की। एडीपीसी संजीव मंडलोई से मिला, लेकिन उन्होंने लेटर नहीं लिया। मैंने आवक-जावक में जमा करा दिया। इसके बाद भी मेरी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस तरह उस महिला टीचर और उसके सहयोगी के हौसले बुलंद हो गए।

मैंने प्राचार्य का चार्ज छोड़ने का कहा है। स्टाफ इतना तंग करता है और अधिकारी लोग सुनते नहीं हैं। दिमाग में दोनों तरफ क्लॉट हो चुके हैं। पैरालिसिस अटैक आया था। ब्लड प्रेशर भी हाई हो जाता है।

महिला टीचर पहले से विवादित है। जावर में कियोस्क सेंटर वाले ने भी थाने में केस दर्ज करवा रखा है। होशंगाबाद से इंदौर संभाग में ट्रांसफर के कारण उनकी सीनियरटी भी खत्म हो गई है। इसके बावजूद सीनियर होने का हवाला देकर प्रताड़ित करती हैं।

प्रिंसिपल ने वॉट्सऐप स्टेटस पर लिखा था- सब जीत के हारे, मैं मेरी लाइफ हारूंगा।
प्रिंसिपल ने वॉट्सऐप स्टेटस पर लिखा था- सब जीत के हारे, मैं मेरी लाइफ हारूंगा।

डीईओ बोले- मामले को देखूंगा; पुलिस ने कहा- कर रहे जांच

दैनिक भास्कर ने लेडी टीचर का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की। उनका फोन लगातार स्विच आता रहा।

जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्यार सिंह सोलंकी का कहना है कि इस मामले की जानकारी उन्हें एक दिन पहले ही मिली है। उन्होंने कहा, ‘मामले को दिखवाता हूं। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।’

जावर टीआई गंगाप्रसाद वर्मा का कहना है कि पुलिस ने जिला अस्पताल जाकर प्राचार्य के बयान लिए हैं। जांच जारी है।

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