महिला कांग्रेस शुरु करेगी नारी न्याय आंदोलन

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एमपी में मंहगाई, बेरोजगारी, रेप, बलात्कार जैसी घटनाओं और महिलाओं से जुडे़ मुद्दों पर मप्र महिला कांग्रेस प्रदेश भर में नारी न्याय आंदोलन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष विभा पटेल ने बताया कि इस अभियान का पहला चरण 29 जुलाई 2024 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। अब दूसरा चरण मप्र में शुरु किया जा रहा है। 28 अगस्त को इसकी भोपाल में बैठक होगी।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने कहा कि भाजपा शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। सत्ता के दुरुपयोग से इन अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचाया जाता रहा है, जिससे न्याय की प्रक्रिया बाधित होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय, भाजपा उन्हें केवल चुनाव के दौरान वोट बैंक के रूप में देखती है। विभा पटेल ने अगर राज्य सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो यह आंदोलन भोपाल से शुरू होकर हर जिले में चलाया जाएगा। महिला कांग्रेस की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल और अन्य महिला कांग्रेस नेत्रियां
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल और अन्य महिला कांग्रेस नेत्रियां

महिला कांग्रेस की प्रमुख मांगें

  • महिला आरक्षण: संसद में पारित 106 वें संविधान संशोधन अधिनियम को तुरंत लागू किया जाए, जिसमें 33 प्रतिशत महिला आरक्षण और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
  • जातिगत जनगणना: सामाजिक समानता और न्याय के लिए जातिगत जनगणना शीघ्र करवाई जाए, जिसमें पिछड़े वर्गों की जाति, उप जाति, भाषा, और आर्थिक स्थिति का उल्लेख हो।
  • लाडली बहना योजना: लाडली बहना योजना से लाखों महिलाओं के नाम काट दिए गए हैं। महिला कांग्रेस ने मांग की है कि सभी पात्र महिलाओं को सूची में शामिल किया जाए और उनके लाभ को बहाल किया जाए।
  • महिलाओं की सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाए जाएं, और नए महिला थाने और पुलिस चौकियों की स्थापना की जाए।
  • महंगाई और बेरोजगारी: बेलगाम महंगाई और बेरोजगारी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर गरीब परिवार की एक महिला को 1 लाख रुपये सालाना या 8,500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जाए।
  • 50% आरक्षण: सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, जिसमें पुलिस फोर्स और अर्ध सुरक्षा बलों में महिलाओं की समान भागीदारी हो।
  • स्मार्ट मीटर: स्मार्ट मीटर के कारण आ रहे अनाप-शनाप बिजली बिलों पर रोक लगाई जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
  • समान काम, समान वेतन: महिलाओं के वेतन में भेदभाव को रोकने के लिए ‘समान काम, समान वेतन’ का सिद्धांत लागू किया जाए।

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