भोपाल में बारिश, 18 जिलों में अलर्ट
मध्यप्रदेश में गुरुवार को 18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल में सुबह रिमझिम बारिश हुई, जो दोपहर में तेज हो गई। पन्ना में रात से बारिश जारी है, यहां के एनडीआरएफ और होमगार्ड कार्यालय में पानी भर गया है।
इससे पहले बुधवार को सागर में पगरा डैम के 11 में से 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बीना के बिल्धव में लोगों को घरों की छतों से रेस्क्यू करना पड़ा। टीकमगढ़ में धसान नदी का जलस्तर बढ़ने से बुधवार रात करीब 10 बजे बान सुजारा बांध के सभी 12 गेट खोलकर 480 क्यूमैक्स पानी छोड़ा गया। देर रात बड़ागांव धसान में पुल पर 2 फीट ऊपर तक पानी बहने लगा।
निवाड़ी जिले में बुधवार शाम को जामनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। यहां बने टापू पर 4 युवक फंस गए। पानी का बहाव ज्यादा होने से बचाने गए गोताखोर भी फंस गए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। दतिया के सनकुआ धाम में युवक सिंध नदी में बह गया।

28 जुलाई से फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, मानसून ट्रफ ऊपर चली गई है। लो प्रेशर एरिया साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में एक्टिव है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन नॉर्थ गुजरात में है। यह मानसून ट्रफ के साथ मर्ज हो गया है। इन वजहों से प्रदेश में बारिश हो रही है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 28 जुलाई से फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी हो सकती है। 29 और 30 जुलाई को उत्तरी हिस्से में तेज बारिश होने का अनुमान है।
तस्वीरों में देखिए, बारिश से बने हालात…




टीकमगढ़ में गिरा 3.5 इंच पानी
बुधवार को प्रदेश के 24 जिलों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 3.5 इंच पानी गिरा। रीवा में 2.4 इंच और उमरिया में डेढ़ इंच बारिश हुई। वहीं, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मलाजखंड में आधा इंच पानी गिरा। भोपाल, बैतूल, धार, ग्वालियर, नर्मदापुरम, सतना, सिवनी, इंदौर, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा में भी बारिश हुई।

पहली बार औसत के बराबर बारिश
सीजन में पहली बार प्रदेश में बारिश का आंकड़ा औसत बारिश के बराबर आया है। प्रदेश में 14.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक इतनी ही बारिश होनी चाहिए थी। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल संभाग में एवरेज से 4% ज्यादा पानी गिर चुका है जबकि पूर्वी हिस्से- रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में 5% कम बारिश हुई है।




