भोपाल में किसानों का SDM ऑफिस के बाहर डेरा

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भोपाल के कई किसानों ने एमपी नगर एसडीएम ऑफिस के बाहर डेरा डाल लिया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं की स्लॉट बुकिंग, सीमांकन, नामांकन जैसे मामलों को लेकर उनकी नाराजगी है। वहीं, सड़क निर्माण में जमीन अधिग्रहण का विरोध भी वे कर रहे हैं।

एमपी नगर और हुजूर तहसील के किसानों ने डेरा डाला है। किसान कुबैर सिंह राजपूत ने बताया कि एमपी नगर व हुजूर तहसील के किसानों को तहसील से जुड़ी कई समस्याएं आ रही हैं। इनमें गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग, किसान सम्मान निधि, फार्मर आईडी नहीं बनाना, सीमांकन, नामांतरण, बंटान, बिजली, फसल बीमा, भूमि अधिग्रहण आदि शामिल हैं।

राजस्व प्रकरणों में कई प्रकार की समस्याएं आ रही हैं। इसको लेकर भारतीय किसान संघ ने तहसील हुजूर ने कई बार आवेदन दिए। बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इसलिए एमपी नगर एसडीएम ऑफिस के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

धरना प्रदर्शन करते किसान।
धरना प्रदर्शन करते किसान।

पटवारी सोमवार और गुरुवार को गांव में बैठे

किसानों की मांग है कि पटवारियों को हर सोमवार और गुरुवार को संबंधित हल्के के गांवों में बैठना चाहिए। ताकि, किसानों को परेशानी न हो और उन्हें तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

भोपाल में इस तरह से धरने पर बैठे किसान।
भोपाल में इस तरह से धरने पर बैठे किसान।

ऐसे समझे किसानों की परेशानी

  • गेहूं खरीदी में देरी और अव्यवस्था: सबसे बड़ी समस्या सरकारी गेहूं उपार्जन केंद्रों पर खरीदी में देरी और पोर्टल की खराबी है। स्लॉट बुकिंग न होना के कारण अव्यवस्था से किसानों का गेहूं खेतों में या घरों में पड़ा है। जिससे खराब मौसम में नुकसान का डर है।
  • भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा: पिपलानी बी-सेक्टर से खजूरीकलां बायपास तक 4 लेन रोड निर्माण कार्य प्रोजेक्ट लंबाई- 4.2 किमी के अंतर्गत आने वाले किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार देने की मांग है। वे रजिस्ट्री के ‘छांट बिक्री पत्र’, अधिकतम बाजार मूल्य की रजिस्ट्री, जमीन के भविष्य के उपयोग, क्षेत्र में हो रहे विकास एवं आगामी वर्षों में उक्त भूमि की संभावित कीमत के आधार पर बाजार मूल्य से 4 गुना कीमत के आधार पर शीघ्र मुआवजा देने की बात कर रहे हैं।
  • ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश: कटाई के समय होने वाली बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तैयार फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए शीघ्र सर्वे कराकर पारदर्शिता सुनिश्चित कर लाभ दिया जाए।
  • समय सीमा तय किया जाना सुनिश्चित : तहसील एमपी नगर के किसानों के नामांतरण, बंटाकन, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में नहीं हो रहा है। यहां पर बाबूवाद भी हावी है। कई बार दलालों के माध्यम से ही काम किया जाता है।
  • बिजली के तार व पोल में सुधार : बिजली कंपनी की लापरवाही के चलते लाइन के तार और पोल को लेकर भी दिक्कतें हैं। कई जगहों से लाइन डेमेज हो गई है। बारिश से पहले इनका संधारण किया जाए।

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