राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर 21 अप्रैल को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय,भोपाल ने सार्थक कार्यक्रम किया शुभारंभ सत्र में उपयोगी चर्चा हुई

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर 21 अप्रैल को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय,भोपाल ने सार्थक कार्यक्रम किया शुभारंभ सत्र में उपयोगी चर्चा हुई। पी आर और सी एस आर किस तरह विकसित भारत @2047 की लक्ष्य पूर्ति में सहायक हैं, इस विषय पर कई महत्वपूर्ण आयाम सामने आए। पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी का वक्तव्य बेजोड़ था।
मैंने इस सत्र में जो कहा ,प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
* पीआर और सीएसआर का गठबंधन वास्तव में शुभ है। इसे दीर्घ अवधि तक अच्छी तरह चलाना है। जहां निजी क्षेत्र में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी कहा जाता है वहीं शासन में लोक कल्याण और सुशासन इसके पर्यायवाची शब्द मानिए। शासन का स्थायी भाव लोक कल्याण है। शासन के लिए किए जाने वाले जनसंपर्क में कठिनाइयां तो हो सकती हैं लेकिन लोक कल्याण की दृष्टि से बेहतरीन नवाचार भी होते हैं। इन सब का पर्याप्त प्रचार होना चाहिए।
*सदैव मुस्कुराते रहना और कठिनाइयों में कार्य करना जनसंपर्क अधिकारी का गुण होना चाहिए।
*कार्य और व्यवहार के मापदंड पर व्यक्ति का मूल्यांकन होता है। सिर्फ मशीनी ढंग से कार्य करें तो कोई अर्थ नहीं। मशीन के पास व्यवहार नहीं है। मनुष्य के पास व्यवहार है और इसका ही महत्व है।
*जनसंपर्क के विद्यार्थी यह ध्यान रखें कि सिर्फ काम करते रहना काफी नहीं है। आपकी देह भाषा भी सकारात्मक होना चाहिए। जनसंपर्क अधिकारी के चेहरे पर भले बनावटी हो, एयर होस्टेस की भांति मुस्कान होना चाहिए। जनसंपर्क अधिकारी भले ही अंतर्मुखी स्वभाव के हों और उनका व्यवहार किसी को नीरस लगता हो पर यदि वे प्रसन्न दिखते हैं तो उनका कार्य आसान होता है, क्योंकि इनको अपने काम में दूरियां पाटना होती हैं, सेतु बनना होता है।
* एक दशक से जनसंपर्क कार्य का स्वरूप काफी बदल गया है। निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र में जनसंपर्क का कार्य बिल्कुल भिन्न है। इसके बावजूद शासन या संस्थान की उपलब्धियां प्रचारित,प्रसारित करना जनसंपर्क अधिकारी की प्राथमिकता है। यही उसका धर्म है।
* आमजन की तकलीफ से तंत्र को अवगत करवाने का दायित्व भी जनसंपर्क अधिकारी निभाते हैं।
*यदि ये कहें कि एक जादूगर की तरह भूमिका निभाते हैं जनसंपर्क अधिकारी,तो गलत नहीं होगा।
