गुना में हाई वोल्टेज सुरक्षा ऑडिट, अचानक बैंकों में गूंजे सायरन तो सडक़ों पर आला अधिकारियों के साथ उतरा भारी पुलिस बल

गुना में हाई वोल्टेज सुरक्षा ऑडिट, अचानक बैंकों में गूंजे सायरन तो सडक़ों पर आला अधिकारियों के साथ उतरा भारी पुलिस बल
सीएसपी के नेतृत्व में पुलिस के लाव-लश्कर ने खंगाला बैंकों का कोना-कोना, कई बैंकों में सुरक्षा की पोल खुली तो भडक़े अधिकारी!
गुना-शनिवार की दोपहर गुना के व्यावसायिक इलाकों में उस समय इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए, जब शहर के प्रमुख बैंकों से एक साथ खतरे के अलार्म और सायरन गूंजने लगे। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, सडक़ों पर पुलिस के आला अधिकारियों का भारी लाव-लश्कर और गाडिय़ों का काफिला दौड़ता नजर आया। भारी पुलिस बल ने एक साथ बैंकों की घेराबंदी कर ली, जिससे पूरे शहर में हडक़ंप मच गया। दरअसल, यह सिंगरौली में हुई करोड़ों की बैंक डकैती के बाद एसपी हितिका वासल के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए किया गया एक बड़ा सरप्राइज सुरक्षा ऑडिट था। पुलिस की विभिन्न टुकडिय़ों ने एक साथ शहर के तमाम बैंकों को घेर लिया और सुरक्षा के चप्पे-चप्पे की बारीकी से पड़ताल की।
सीएसपी के नेतृत्व में सुरक्षा ऑडिट, खिड़कियों से लेकर तिजोरी तक जांच
अभियान की कमान स्वयं सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने संभाली। कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव और भारी पुलिस बल के साथ वे सबसे पहले कलेक्टोरेट रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पहुंचीं। पुलिस की अचानक एंट्री से बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों में कुछ पल के लिए अफरा-तफरी मच गई। सीएसपी ने बैंक के भीतर घुसते ही सुरक्षा के हर उस बिंदु को चेक किया जहाँ से चूक की संभावना हो सकती थी। जांच के दौरान बैंक मैनेजर के कक्ष की खिडक़ी को लेकर उन्होंने विशेष सुरक्षात्मक निर्देश दिए। यह जानने के लिए कि आपात स्थिति में सिस्टम कितनी तेजी से रिएक्ट करता है, बैंकों के अलर्ट अलार्म बजवाकर देखे गए, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी सहम गए।
सिंगरौली कांड के बाद अलर्ट पर मध्य प्रदेश, कैमरों की हालत देख भडक़ी पुलिस
हाल ही में सिंगरौली में हुई सनसनीखेज सोना लूट की वारदात के बाद प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया है। गुना पुलिस का मुख्य फोकस बैंकों में लगे तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों पर रहा। निरीक्षण के दौरान एक कड़वी हकीकत सामने आई शहर के अधिकांश बैंकों के कई संवेदनशील प्वाइंट्स पर लगे कैमरे बंद पाए गए। कई जगहों पर एंगल सही नहीं थे, तो कहीं रिकॉर्डिंग का स्टोरेज गायब था। पुलिस अधिकारियों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर कीं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि केवल गार्ड का खड़ा होना सुरक्षा की गारंटी नहीं है, तकनीकी सुरक्षा का मजबूत होना अनिवार्य है।
बैठक में दिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के निर्देश
निरीक्षण के बाद सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों की संयुक्त बैठक ली। इसमें उन्होंने गार्डों को उनके हथियार और मुस्तैदी को लेकर निर्देश दिए। साथ ही बैंक मैनेजरों को बताया गया कि बैंक के आसपास संदिग्ध रूप से घूमने वाले लोगों पर नजर रखें और उनका डेटा मेंटेन करें। पुलिस ने शहर के छोटे-बड़े लगभग हर निजी और सरकारी बैंक में पहुंचकर सुरक्षा ऑडिट पूरा किया।
इनका कहना है
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार आज शहर के सभी बैंकों का सघन निरीक्षण किया गया। हमारा उद्देश्य यह देखना था कि बैंक डकैती जैसी स्थिति में बैंक का सुरक्षा तंत्र कितना तैयार है। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति जांची गई। कई बैंकों में कैमरों की संख्या कम मिली है और कुछ जगह तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक कर सुरक्षा योजना पर काम किया जा रहा है और पुलिस की गश्त भी बढ़ाई गई है। — प्रियंका मिश्रा, सीएसपी, गुना
