विजयपुर विधानसभा मामले में न्यायालय के निर्णय का हम सम्मान करते हैं।
लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है और कानून के सभी रास्ते खुले रहते हैं जिला न्यायलय से लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय पाने का अधिकार सबको है।
लेकिन यह भी सच है कि देश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ गंभीर आरोपों के बावजूद सत्ता पक्ष के नेताओं को राहत मिल जाती है, चुनाव आयोग की कमियों के कारण कई मामले लंबित रह जाते है जबकि विपक्ष के प्रतिनिधियों पर अलग मानदंड अपनाए जाते हैं। विजयपुर के जनप्रतिनिधि मुकेश मल्होत्रा एक आदिवासी नेता हैं और पहली बार विधायक बने थे, ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि न्याय की प्रक्रिया में समानता क्यों दिखाई नहीं देती।
मध्यप्रदेश की जनता सब देख रही है। कथनी और करनी के इस अंतर को समझना भी जरूरी है।
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