एमएलबी कॉलेज प्रिंसिपल को नोटिस, 10 दिन में मांगा जवाब

भोपाल के एमएलबी गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मुकेश दीक्षित को उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह भलावी को नोटिस दिया है। प्रिंसिपल पर कॉलेज की महिला स्पोर्ट्स टीचर को कबड्डी खेलने, जाति सूचक शब्द बोलकर अपमानित करने, स्टूडेंट्स को सुरक्षा मुहैया नहीं कराने और उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करने का आरोप है।
प्रिंसिपल डॉ. दीक्षित की शिकायत रीजनल एडिशनल डायरेक्टर हायर एजुकेशन को कॉलेज की महिला स्पोर्ट्स टीचर ने 1 जनवरी 2024 को शिकायत की थी। मामले की शुरुआती जांच के बाद शुक्रवार को नोटिस देकर अवर सचिव उच्च शिक्षा ने कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीक्षित को चार्जशीट दी है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग ने नोटिस में कहा गया
मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा डॉक्टर मुकेश दीक्षित को नोटिस दिया है। जिसमें उन्हें निर्देशित किया है। कि वह इस ज्ञापन की प्राप्ति से 10 दिवस के अंदर अपने बचाव में लिखित जवाब दें। अगर वह निर्देशों का पालन करने से इंकार करते हैं तो जांच प्राधिकारी उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी। मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम, 21 का हवाला देते हुए कहा है कि कोई भी शासकीय सेवक अपने हित में उसकी सेवा के मामले में किसी उच्च प्राधिकारी पर कोई राजनैतिक या बाह्य प्रभाव नहीं डालेगा।
यदि इन कार्यवाहियों में किसी भी मामले पर अपने पक्ष में कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है तो यह माना जाएगा कि डॉ. मुकेश दीक्षित को ऐसे प्रतिनिधित्व की जानकारी है तथा यह आपकी प्रेरणा से किया गया है इसके नियम का उल्लंघन किए जाने के फलस्वरूप उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। वहीं इस मामले में जब प्रिंसिपल मुकेश दीक्षित से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
क्रीड़ा अधिकारी बोलीं- मुझे परेशान किया
एमएलबी कॉलेज की क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि उनको प्रिंसिपल द्वारा कहा गया है कि आप गौंड हैं,आप जैसी औरतों को हम जानते हैं। चलिए हम और आप कबड्डी खेलते हैं। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने 21 अक्टूबर को पहले पुलिस, फिर उच्च शिक्षा विभाग को की थी।
उन्होंने जाति सूचक शब्द के अलावा कई बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। साथ ही वह मेरे काम में बाधा भी डालते थे। मेरी बिना परमिशन उन्होंने मेरा फोटो भी खिंचवाया था। उन्होंने बताया कि उनको कॉलेज टूर्नामेंट के लिए वह लंबे समय से जगह मुहैया नहीं करवा रहे थे। जिसके बाद उन्होंने इस तरह से मुझे परेशान किया।
