प्रेस सेवा पोर्टल की गड़बड़ी दूर होने तक पहले की तरह एनुअल रिटर्न भरने की सुविधा बहाल करे आर एन आई : अशोक नवरत्न( अमिताभ पाण्डेय)

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नई दिल्ली ।
समाचार पत्रों के लिए प्रेस सेवा पोर्टल की जटिलताओं सहित अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु आज देश के शीर्ष समाचार पत्र एसोसिएशन व भारतीय प्रेस परिषद सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के सचिव संजय जाजू से मुलाकात की। इस दौरान समाचार पत्रों , पत्रिकाओं से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनने के पश्चात उक्त मांगों के संबंध में शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया । श्री जाजू ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह कतई नहीं कि छोटे और मध्यम श्रेणी के अखबारों के सामने किसी तरह की समस्या पैदा हो । हमारा उद्देश्य है कि इस प्रक्रिया को सरलीकृत कर सभी को राहत देने का है। उन्होंने कहा कि यदि नए पोर्टल में कुछ खामियां हैं, तो उनको दूर किया जाएगा । वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा चिन्हित सभी समस्याओं का परीक्षण कराके उनमें सुधार किया जाएगा ।
इस मौके पर ऑल इंडिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सदस्य सरदार गुरिंदर सिंह ने छोटे और मझौले अखबारों की अनेकों समस्याओं पर चर्चा की । उन्होंने कहा कि प्रेस सेवा पोर्टल में बहुत सी खामियां हैं जिससे प्रकाशकों के सामने बहुत समस्याएं आ रही है।
अखिल भारतीय समाचार पत्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चंद शुक्ला ने कहा कि जब तक प्रेस सेवा पोर्टल की जटिलताओं को दूर न किया जाए तब तक पुरानी प्रणाली से ही प्रकाशकों को एनुअल रिटर्न भरने की व्यवस्था की जाए ।
प्रेस काउंसिल के सदस्य एवं ऑल इंडिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर फेडरेशन के राजस्थान स्टेट प्रभारी एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एल. सी. भारतीय ने प्रेस संबंधी मामले पर बात की । उन्होंने कहा कि ज्यादातर प्रेस वाले नई नियमावली को लेकर विरोध जता रहे हैं और उसमें बहुत से लोगों का जी.एस.टी. भी नहीं है । उनकी काम की सीमा भी जी.एस.टी. के दायरे से बाहर है । इसका तत्काल समाधान होना बहुत ही आवश्यक है ।
इस समस्या का समाधान किया जाए जिससे लोग आसानी से अपना एनुअल रिटर्न भर सकें । उक्त विषय पर सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री जाजू ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस समस्या को दूर करें ।
श्री जाजू से चर्चा करते हुए ऑल इंडिया स्मॉल और मीडियम न्यूजपेपर फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव अशोक नवरतन ने छोटे मझौले अखबारों से जी.एस.टी. हटाने हेतु अपना पक्ष रखा ।
उन्होंने कहा कि प्रेस काउंसिल आफ इंडिया ने जीएसटी काउंसिल को इस संबंध में कई बार नोटिस किया किंतु आज तक इस संबंध में कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है।
इस संबंध में सचिव श्री जाजू ने पूछा कि क्या जीएसटी से पहले अखबारों के कागज खरीद पर सेल टैक्स नहीं लगता था ?
अगर नहीं तो हम इस समस्या पर विचार करेंगे ।
ऑल इंडिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स के उत्तर प्रदेश प्रभारी आसिफ जाफरी विक्रांत ने कहा कि प्रेस को जी.एस.टी. से मुक्त कर दिया जाए नहीं तो छोटे और मझौले अखबारों के प्रकाशित करना मुश्किल हो जाएगा । फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि छोटे और मझौले अखबारों का विज्ञापन सी.बी.सी. द्वारा पूर्णतया बंद कर दिया गया है ।
यहां तक की प्रमुख अवसरों पर भी कोई विज्ञापन नहीं जारी किया जा रहा है तो ऐसी स्थिति में जब कि छोटे बड़े पर नियम समान रूप से लागू हैं ।
सभी समान रूप से इसके नियमों का अनुपालन भी कर रहे हैं तो आखिर छोटों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों ?
अखबारों की जी.एस.टी. के मुद्दे पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जब छोटे और मध्यम श्रेणी के अखबार विज्ञापन पर जी.एस.टी. दे रहे हैं तो कम से कम छपाई वाले पेपर को तो जी.एस.टी. मुक्त किया जाए ।
इस पर श्री जाजू ने कहा कि विज्ञापन के लिए छोटे और मध्यम की हिस्सेदारी तय कर इसका निस्तारण भी किया जाएगा । उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा चिन्हित बिंदुओं का निस्तारण अतिशीघ्र किया जाएगा । सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने यह भी कहा कि सेंट्रल प्रेस प्रत्यायन समिति का शीघ्र गठन किया जाएगा ।
उन्होंने बताया कि नई समिति गठित होने तक वर्तमान समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है । उन्होंने केंद्रीय संचार ब्यूरो से छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को विज्ञापन दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया ।
इसके अतिरिक्त सीबीसी के पैनल एडवाइजरी कमेटी को नियमानुसार पुनर्गठित करने का भी आश्वासन दिया।
सी.बी.सी. की विज्ञापन दरों की वृद्धि के मामले पर भी उन्होंने कहा संदर्भित प्रकरण में शीघ्र निर्णय कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आर एन आई के लिए समाचार पत्रों, पत्रिकाओं द्वारा भरे जाने वाले एनुअल रिटर्न के नियमों में बदलाव से बहुत समस्या हो रही है जिसके समाधान का प्रयास आज पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने सूचना प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी से मिलकर किया है।

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