2 राज्यसभा सांसद और 6 विधायक भी मैदान में, ये जीते तो आएगी उपचुनाव की नौबत
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं। अब सभी की नजर 4 जून को आने वाले नतीजे पर टिकी है। प्रदेश में नौ लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां हारे-जीते कोई भी, लेकिन यहां नए सांसद ही मिलेंगे। 2019 में 17 नए सांसद चुने गए थे। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर इस बार दो राज्यसभा सांसद और 6 विधायक भी मैदान में हैं। ये जीते तो इन सीटों पर उपचुनाव की भी नौबत आएगी।
चुनाव में नए प्रत्याशियों के जीत की कितनी गारंटी होती है। आखिर नए चेहरे को टिकट देने के पीछे राजनीतिक दलों का क्या समीकरण रहता है?

ये दो राज्यसभा सांसद और 6 विधायक भी मैदान में
लोकसभा में दो राज्यसभा सांसद भी चुनाव मैदान में हैं। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री हैं। वहीं, बगल की राजगढ़ लोकसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा सांसद हैं। दोनों प्रत्याशी जीतते हैं तो उनकी सीट खाली होगी। इसके अलावा 6 विधायक भी इस बार लोकसभा में प्रत्याशी हैं।
विदिशा से चुनाव लड़ रहे शिवराज सिंह चौहान अभी बुधनी से विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने पांच विधायकों को लोकसभा चुनाव में उतारा था। इसमें शहडोल से पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को, मंडला से डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, सतना से मौजूदा विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, उज्जैन से तराना विधायक महेश परमार और भिंड से भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया शामिल हैं। इन विधायकों में कोई भी सांसद बना तो उनकी रिक्त सीट पर उप चुनाव कराने पड़ेंगे।

