बैतूल जिले में प्राइवेट हॉस्पिटलों की मनमानी
बैतूल जिले में प्राइवेट हॉस्पिटलों की मनमानी और गरीब जनता से इलाज के नाम पर वसूली के मुद्दे पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। यह मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया गया था, जहां सांसद कार्तिकेय शर्मा ने प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों से मनमानी वसूली का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि अस्पतालों द्वारा बिल न चुकाने पर बंधक बनाने और इलाज में होने वाली ओवरचार्जिंग को रोकने के लिए आम जनता को भी जागरूक करना चाहिए ¹।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी करने वाले 28 निजी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 15 अस्पतालों का लाइसेंस एक साल के लिए रद्द किया गया और 4 अस्पतालों को 6 महीने के लिए निलंबित किया गया। इसी तरह की कार्रवाई बैतूल जिले में भी होनी चाहिए।
आवश्यक कदम:
– उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए जो प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी की जांच करे।
– दोषी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें लाइसेंस रद्द करना या जुर्माना लगाना शामिल हो।
– गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज प्रदान करने के लिए सरकारी अस्पतालों को मजबूत किया जाए।
– आयुष्मान भारत योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हो और इसका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे ²।
इस मुद्दे पर बैतूल जिले के निवासियों को जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करना भी आवश्यक है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए और प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाना चाहिए।vinod surybansho
