29 साल में पहली बार 4 महिला नक्सली ढेर

बालाघाट में 62 लाख रुपए का इनाम था, पुलिस-नक्सलियों के बीच 5 घंटे चली मुठभेड़
बालाघाट। बालाघाट पुलिस ने गढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार को एक मुठभेड़ में 4 हार्ड कोर महिला नक्सलियों को मार गिराया है। इन नक्सलियों पर 62 लाख की इनाम घोषित किया गया था। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार के घने जंगलों में 19 फरवरी को यह मुठभेड़ हुई। इसमें भोरमदेव कमेटी की एक कमांडर और तीन एसीएम स्तर की महिला नक्सली मारी गईं। इसे प्रदेश के मौजूदा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के कार्यकाल की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे पहले ग्वालियर में भी एक स्कूली बालक के अपहरण पर भी अपहृत को सकुशल छुडाने में बड़ी सफलता अर्जित की।
बता दें कि 29 साल बाद बालाघाट पुलिस को एक साथ चार नक्सलियों को मारा है, जबकि 1994 से 1996 के बीच हुई नक्सली मुठभेड़ में बालाघाट पुलिस ने चार नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों को मार गिराने वाली टीम के सभी 28 सदस्यों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा।
5-6 घंटे तक चली मुठभेड़
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच करीब 5-6 घंटे तक मुठभेड़ चली। पुलिस ने 100 राउंड फायरिंग की। नक्सलियों की तरफ से 180 से ज्यादा राउंड फायर किए गए।
आईजी संजय कुमार ने मीडिया को बताया कि गढ़ी में तैनात हॉक फोर्स की टीम को नक्सलियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया। कुछ नक्सली घायल अवस्था में घने जंगलों का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी तलाश के लिए सर्चिंग पार्टी अभी भी जंगल में मौजूद है।
बालाघाट के जंगलों का फायदा उठा रहे नक्सली
आईजी ने बताया कि बस्तर में दबाव बढ़ने के कारण नक्सली जिले के जंगलों का रुख कर रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत बस्तर से और 20 प्रतिशत गढ़चिरोली और राजनांदगांव से हैं। उन्होंने बताया कि 2007 से जिले में कोई नई भर्ती नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के साथ नक्सलियों से निपटने में अच्छा समन्वय है।
2015-16 से सक्रिय थी नक्सली आशा, शीला और रंजीता
बालाघाट पुलिस ने 4 हार्डकोर नक्सली आशा, शीला, रंजीता और लख्खे मरावी को मार गिराया है। इनमें से आशा, शीला और रंजीता, विस्तार दलम के 2015-16 में शुरू होने के बाद से सक्रिय थी। जबकि लख्खे मरावी की नई भर्ती थी, जिसका रिकॉर्ड, पुलिस खंगाल रही है।
