हवालात में ठहाके लगाता रहा पत्नी का हत्यारा
ग्वालियर में महिला की बेरहमी से हत्या कर लाश को चंबल के बीहड़ में जलाकर अस्थियां फेंकने वाले आरोपी पति और ससुर 48 घंटे तक थाटीपुर थाने के हवालात में बंद रहे। सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
इस बीच आरोपी पति और ससुर के चेहरे पर जरा भी शिकन नजर नहीं आई। बल्कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें हवालात में आपस में हंसी-ठिठोली करते हुए देखा है। दोनों रात को चादर तानकर सोते नजर आए।
हालांकि, दोनों की नजर जब किसी पुलिस जवान या अफसर पर पड़ती थी तो रोनी सूरत बनाकर कहने लगते कि हमसे गलती हो गई। हम चंचल को मारना नहीं चाहते थे। इतना ही नहीं आंसू भी बहाने लगते हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि दोनों पल-पल नौटंकी कर रहे हैं। उनके खिलाफ ज्यादा से ज्यादा सबूत जमा कर कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।
हत्या से 15 दिन पहले भी पीटा था पुलिस को जांच में पता लगा है कि हत्या से ठीक 15 दिन पहले भी आरोपी दीनू टेगौर ने पत्नी चंचल राजे (26) की बेरहमी से मारपीट की थी। उस समय चंचल के चेहरे व गर्दन पर मारपीट के निशान तक बन गए थे। उसने यह बात अपने परिजन को फोन कर बताई थी।
जिसको लेकर परिजन ने समझाया भी था, लेकिन यह कोई नहीं जानता था कि वह किस दर्द से गुजर रही है। उस घटना के बाद से दीनू उससे नहीं लड़ता था। शायद उसके मन में यह था कि वह उसे हमेशा के लिए मार डालेगा।

चंचल ने दीनू को खुद किया था पसंद जानकारी के मुताबिक चंचल की एक साल पहले दीनू से मुरैना में समाज के एक शादी समारोह में मुलाकात हुई थी। चंचल पहले जिससे प्रेम करती थी उसने धोखा दिया था। समारोह में मुलाकात के बाद दीनू उसे पसंद आ गया। दोनों की बातचीत होने लगी। चंचल की पिछली लाइफ के बारे में जानने के बाद भी दीनू ने उससे शादी के लिए हां कर दी थी।
उसके बाद यह बात चंचल ने अपने परिजन को बताई थी। परिजन भी दोनों के रिश्ते से खुश थे। दोनों परिवार साथ बैठे और उनकी पसंद को अरेंज मैरिज में बदल दिया। 16 जनवरी 2024 को दोनों की शादी यश वाटिका ग्वालियर से हुई थी।
फर्स्ट एनिवर्सरी सेलिब्रेशन का था प्लान 16 जनवरी 2024 को चंचल और दीनू की धूमधाम के साथ शादी हुई थी। चंचल अपनी आंखों में कई सपने संजोकर ससुराल पहुंची, लेकिन 20 दिन बाद ही उसका यह भ्रम टूट गया। तब पहली बार पति ने दहेज नहीं लाने पर मारपीट की थी।
पति के अलावा ससुर जरदान सिंह, सास शीला राजे, जेठ बलबीर, प्रशांत, ननद पिंकी डबल डोर फ्रीज, बड़ी एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन नहीं लाने पर पीटने लगे थे। इसके बाद दीनू उसे ग्वालियर ले आया था।
16 जनवरी 2025 को उनकी शादी की पहली एनिवर्सरी थी। चंचल अपनी पहली एनिवर्सरी को अच्छे से मनाना चाहती थी, लेकिन शायद वह नहीं जानती थी कि उसकी पहली एनिवर्सरी से पहले ही हत्या हो जाएगी।

लाश को ससुर कंधे पर उठाए दिखा हत्या के बाद जब चंचल के शव को झाड़ियों से एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था, उस वक्त का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है। इस फुटेज में चंचल की लाश को उसका ससुर झाड़ियों से उठाकर एम्बुलेंस में रखता हुआ नजर आया है। जिसके बाद उसे चंबल की बीहड़ में ले जाकर जला दिया था। यह फुटेज ही पुलिस के पास सबसे बड़ा सबूत है।
मारपीट के बाद वीडियो वायरल किया चंचल राजे ने अपनी हत्या से कुछ दिन पहले ही पति की थाटीपुर थाने में शिकायत की थी, तब उसने अपने साथ हो रहे टॉर्चर का एक वीडियो रिकॉर्ड कर परिवार के सदस्यों को शेयर किया था। इस वीडियो में चंचल ने अपने साथ हो रही एक-एक घटना का विस्तार से जिक्र किया था।

वीडियो में चंचल ने कहा था-
‘मेरे पिता ने चार लोगों के सामने 4 लाख रुपए दिए थे और 6 लाख रुपए की शादी की थी। इसके (पति) घर वालों ने मुझे मुरैना (ससुराल) से भगा दिया और कहा कि तू डबल डोर की फ्रीज क्यों लेकर नहीं आई। बड़ी एलईडी क्यों नहीं लेकर आई। वॉशिंग मशीन सोफा क्यों नहीं लेकर आई।’
‘इसके मम्मी-पापा ने मुझे मारा। पति वहां से प्यार से मुझे ग्वालियर यह कहकर ले आया कि यहां आराम से रहेंगे। यहां आकर यह मुझे टॉर्चर करने लगा। इसके पिता का नाम जरदान सिंह है, मां शीला राजे, बहन पिंकी, भैया का नाम बलबीर, प्रशांत है और इन लोगों ने भी बहुत परेशान किया है। इन्होंने मुझे पल-पल टॉर्चर किया है। यह कहते है कि तुम्हारे बाप को कहीं भी मार दूंगा।’

थाने में पति ने कहा-बिना बताए चली गई शहर के थाटीपुर न्यू सुरेश नगर सरकारी मल्टी निवासी दीनू टेगौर 1 जनवरी 2025 को थाटीपुर थाना पहुंचा। बताया कि उसकी पत्नी चंचल बिना बताए कहीं चली गई है। उसको काफी तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी। मामले की सूचना चंचल के मायके वालों को भी दी गई थी।
चंचल का भाई नवीन राजे थाटीपुर थाना पहुंचा और आशंका जताई कि उसकी बहन के साथ कुछ गलत हुआ है। उसने कुछ सबूत जुटाकर पुलिस काे सौंपे। जिसके बाद पुलिस ने दीनू काे थाना में बैठाकर पूछताछ की तो उसने खुद ही हत्या करन कबूल किया।
बताया कि 31 दिसंबर को उसने उसने घर आते ही पत्नी चंचल से दहेज को लेकर विवाद के बाद मारपीट की। जिस पर चंचल घर से निकल आई। पीछा करता हुआ दीनू भी बाहर आया।
पीताम्बरा नाला के पास चंचल उसे मिल गई। यहां फिर से विवाद हुआ, जिस पर पति ने उसके सिर पर पत्थर मार दिया और गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दीनू ने पिता जरदान सिंह टेगौर को गांव में सूचना दी। पिता ने लाश वहीं झाड़ियों में छिपाने को कहा। कुछ देर बाद पिता एम्बुलेंस लेकर पहुंचा और लाश को मुरैना ले गए। चंबल की बीहड़ में जलाकर वहीं नदी के आसपास अस्थियां फेंक दी थीं।
