खजुराहो में जर्जर बिल्डिंग में आंगनबाड़ी संचालित
खजुराहो के पास देवगांव ग्राम में जर्जर बिल्डिंग में आंगनबाड़ी संचालित हो रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वह हरिजन हैं और गांव में लोग छुआछूत मानते हैं। इसलिए कोई रूम देने को तैयार नहीं है, जिसकी वजह से यहां आंगनबाड़ी संचालित करनी पड़ रही है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राम प्यारी का कहना हैं कि
मैं हरिजन समाज से आती हूं। मुझे कोई भी कमरा किराए से देने के लिए तैयार नहीं है। लोग छुआछूत मानते हैं। हमने अधिकारियों से लेकर सेक्रेटरी सरपंच तक को कई बार सूचित किया है। खतरनाक भवन को लेकर जानकारी भी दी, लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सिर्फ भवन ही नहीं, गांव में आंगनवाड़ी के लिए दूसरा स्थान भी नहीं है। यहां छुआछूत की ऐसी समस्या है कि ‘प्राइवेट रूम’ के लिए भी हाथ फैलाना मुश्किल हो गया है।

परियोजना अधिकारी बोलीं- समस्या का समाधान निकालेंगे
राजनगर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी रजनी शुक्ला ने इस मामले पर जल्द ही समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे जानकारी में है। देवगांव आंगनबाड़ी की बिल्डिंग स्वीकृत होने के लिए लिस्ट भेज दी गई है। कोशिश रहेगी जल्द आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराया जा सके। अभी स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में आंगनबाड़ी संचालित हैं।
साथ ही उन्होंने छुआछूत के मामले में कहां कि सरपंच से बात करके इस समस्या का समाधान करने की पूरी कोशिश की जाएगी। पंचायत भवन में अगर कक्ष की व्यवस्था हो जाएगी तो वहां में प्रयास करूंगी।
