कांग्रेस को महिला विरोधी बताने वाली भाजपा महिला नेत्री स्वयं आत्म अवलोकन करे और महिलाओं, बच्चियों की स्थिति को लेकर मनोचिकित्सक से अपना अच्छे से इलाज कराये : विभा पटेल
भोपाल, 05 अक्टूबर, 2024
मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार द्वारा कांग्रेस को महिला विरोधी कहने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की महिला नेता को कांग्रेस के खिलाफ गलत बयानी करने के पहले भारतीय जनता पार्टी के 18 साल के शासन महिलाओं के साथ घटित हो रही घटनाओं का आत्म अवलोकन और सिंहावलोकन कर लेना चाहिए। भाजपा के राज में प्रदेश के हर जिले के कौने-कौने से महिलाओं, लाड़ली बहनों और मासूम बच्चियों पर अत्याचार, अनाचार और दुष्कर्म, हत्या, सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उनकी हत्या करने के नए-नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं फिर भी राज्यसभा सांसद जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठी श्रीमती पाटीदार को ऐसी अनर्गल बयानबाजी करने में जरा भी संकोच नहीं हो रहा, शायद सत्ता के नषे में ये भी मदहोष हैं और स्वयं को भी एक महिला होने भान भी भूल बैठी हैं। प्रदेष में महिलाओं, बच्चियों की व्याप्त स्थिति को लेकर श्रीमती पाटीदार को किसी अच्छे मनोचिकित्सक से अपना अच्छे से इलाज कराना चाहिए।
श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि पिछले पखवाड़े में भोपाल में चार मासूमों के साथ यौन शोषण की घटनाओं समेत महू में प्रशिक्षु सैन्य अधिकारियों के साथ लूट और उनकी महिला मित्र से सामूहिक दुष्कर्म का मामला अभी भी देश-प्रदेष के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं हाल ही में डिंडोरी जिले में बालिका से छेड़छाड़ के बाद उसे बेचने का मामला भी सामने आया है, लेकिन फिर भी श्रीमती पाटीदार विपक्ष की आवाज को दबाने महिला विरोधी स्वर मुखर कर रही है, आखिर कौन सी मजबूरी है कि एक महिला ही महिला वर्ग के विपरीत अपने स्वर मुखर कर रही है? क्या सिर्फ इसलिए कि वे केवल सत्ता की चासनी चाट रही हैं?
श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि महिलाओं, लाड़ली बहनों से सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़, मारपीट की बढ़ती घटनाओं के कारण मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बीते कुछ महीनों में प्रदेश में हर रोज सामने आ रही महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म की घटनाएं अत्यंत निंदनीय हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ हो रहे कुकृत्य के समाचार सुनकर प्रदेष की जनता का सिर शर्म से झुक जाता है।
श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृहनगर में दिन के समय सरेआम बलात्कार की घटना से प्रदेश की पुलिस कठघरे में है। महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा में नाकाम सरकार के कार्यप्रणाली से प्रदेश के हालात आसानी से समझे जा सकते हैं। दलित-आदिवासी महिलाओं के साथ लगातार हो रहे अत्याचार को भी महसूस किया जा सकता है। हमारा प्रदेष की सरकार के एक-एक मंत्री से सवाल है कि शर्म से डूब मरो या कुर्सी छोड़ दो…? इन चुनिंदा घटनाओं से साबित हो चुका है कि प्रदेश में मासूम बच्चियां, लाड़ली बहनें, महिलाएं सब असुरक्षित हैं। अपराधियों में कानून का भय बिलकुल नहीं है। ऐसे में कांग्रेस पर सवाल खड़ा करने के बजाय भाजपा नेता अपनी सरकार और संगठन को नसीहत, हिदायत और समझाइश दें कि महिलाओं, बच्चियों के साथ हो रही घटनाओं में विपक्ष की आवाज बनकर उनकी सुरक्षा के लिए कारगर कानून-व्यवस्था बनाने में सरकार पहल करें।
