किसान विरोधी भ्रष्टाचारी करने वाले कर्मचारी उच्च स्तर पर परीक्षण करें
किन के इशारों पर किसान अपने खेत कल्याण में जाने के रास्ते में जो नाला है उसे पर पुलिया बनाने की मांग का अधिकार छोटे किसानों को क्या उसका राइट हक नहीं है
फिर बैतूल जिले के आमला ग्राम पंचायत बोरदेही की रिपोर्ट बनाने वाले कर्मचारी अधिकारी क्या प्राइवेट एजेंसी में बैठकर कार्य कर रहे हैं
किनके इशारों पर इन्होंने दलित आदिवासी गैर हिंदू खुलकर लिखना ठीक रहेगा मुसलमान लोगों की भी खेती इस जिले में नहीं इस तहसील में नहीं इस ब्लॉक में नहीं इन किसानों की खेती से लगी खेती है यह क्या पक्षपात नहीं कर रहे हैं मैं चाहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के जजों को व्यवस्थित बुलाकर सार्वजनिक ईमानदारी से बगैर पक्षपाद भेदभाव के इसकी जांच होनी चाहिए क्या छोटे किसानों के खालियान में जाने के लिए मांग नहीं कर तो क्या अशांति फैलाकर सड़कों पर उतर आए क्या चाहते हैं यह शासन प्रशासन के एक का दुख का भ्रष्ट कर्मचारियों क्या पूरे जिले को या पूरे प्रदेश को भ्रष्टाचारियों की चपेट में गिरना चाहते हैं और अन्य करवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है किसानों को जैसे पंजाब में किस सड़क पर बैठ रहे हैं अशांति फैल रही है हम देख रहे हैं
सत्ता पलट करवाने का क्या प्लान बना रखा है इन भ्रष्टाचारियों ने क्या बैतूल जिले के ईमानदार कर्मचारी अधिकारी जनप्रतिनिधि को बदनाम करके ही मानेंगे आज हमारे प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सड़क पर जाकर किसानों के लिए ईमानदारी से बगैर भेदभाव पक्षपात के कार्य करना चाहते हैं और बड़ी-बड़ी संख्या में ईमानदार कर्मचारी अधिकारी कार्य करना चाहते हैं कुछ चंद लोगों की मिली भगत और एक दूसरे जनप्रतिनिधि की आपसी भेदभाव के चक्कर में किसानों को मुद्दा और मोहरा बनाना चाहते हैं की जांच का बड़ा भारी विषय है इसको माननीय मुख्यमंत्री महोदय मुख्य सचिव महोदय माननीय कलेक्टर महोदय और हमारे सभी ईमानदार कर्मचारी अधिकारी वल्लभ भवन में बैठे वरिष्ठ अधिकारी और देश के प्रधानमंत्री को इस पर अभिलंब संज्ञान लेने की आवश्यकता है आखिर किसानों के साथ कौन गड़बड़ करवा रहा है
नाला पर पुल बनाने की मांग करना करना गैर कानूनी है या गैर जिम्मेदार न है किस क्या अपनी मांग मांग ही नहीं सकता है मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बैतूल जिला क्या पाकिस्तान में आता है या बांग्लादेश में आता है आखिर मध्य प्रदेश को क्यों बटवारा करना चाहते हैं क्यों अशांति का टापू बनाने के प्लेन में कोई रणनीति तो नहीं चल रही है एक जांच का गंभीर विषय है
भ्रष्टाचारी को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्य को रोकते हुए मनमानी की जा रही है किस पीड़ित परेशान अपने घर से खेत की कल्याण तक जाने के लिए रास्ते में बने नाले की पुलिया का विरोध करने वाले लोगों के साथ भ्रष्टाचारी खड़े हैं किसान परेशान है अन्नदाताओं की कोई सुनने वाला नहीं है यह शांति के टापू को अशांति में बदलना चाहते हैं
भ्रष्टाचारी लोग इनकी जांच की जाए कि मध्य प्रदेश के विकसित बैतूल जिला आमला तहसील के कुछ एक का दुख का जनप्रतिनिधि और भ्रष्टाचारी करने वाले लोग दलित परिवार सामान्य लोग गैर हिंदू एवं आदिवासी वर्ग के लोगों की खेती नाले के उसे पर है इसकी जांच उच्च स्तर पर होना चाहिए भारत के सबसे बड़े न्यायपालिका सुप्रीम कोर्ट के जजों की टीम बनाकर इसकी जांच की जाए पर दस्त के साथ अभिलंब सार्वजनिक जांच होनी चाहिए भ्रष्टाचारी बैतूल जिले के आमला क्षेत्र में चरम सीमा पर किसान विरोधी मुहीम चल रही है अंदरूनी गुपचुप तरीके से भ्रष्टाचार चारों तरफ फैला हुआ है किसने की कोई सुनने वाला नहीं है भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए बहुत अच्छे-अच्छे कदम उठाना चाहती है और शासन प्रशासन दोनों मेहनत कर रहे हैं मगर आमला विधानसभा क्षेत्र में ही भ्रष्टाचारी चरम सीमा पर है ना किसान बोनस मांग रहा है ना युवा नौकरी मांग रहा है ना स्वास्थ्य शिक्षा की मांग कर रहा है ना कोई अन्य तरीके की मांग कर रहा है
बस किसानों को अपने खेतों से खालियान जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है ना बैलगाड़ी जा पाती है ना मोटर गाड़ी ना ट्रैक्टर ट्राली यह कैसा इंसाफ है और कैसे कर्मचारी अधिकारी लोग मनमानी कर रहे हैं इसकी जांच होना चाहिए किसानों की हेल्प की मांग कर रहे हैं
सुविधा की वहां पर यह लोगों को गुमराह कर रहे हैं ऐसे लोगों की पूरी जांच होनी चाहिए यह किन के इशारों पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं यही मांग चाहता है
शांति का टापू बन रहे हमारा बैतूल…
