कर्नाटक:पूजपे/चढ़ावे पर टैक्स (श्याम चौरसिया)
कर्नाटक कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार मंदिरों के चढ़ावे/पूजपे पर टैक्स वसूलने वाली भारत की पहली सरकार बन गयी है। कोई भी भक्त/श्रद्धालु यदि अपनी श्रद्धा आस्था प्रकट करने के लिए दान करता है तो मंदिरों को उस दान पर टेक्स देकर कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण करन की नीति में योग देना होगा।इस हिटलरी,एक तरफा फैसले का विरोध पुजारियों से लेकर बीजेपी सहित अन्य राजनेतिक दलो,धार्मिक,व्यवसायिक, सहित अन्य संगठनों ने किया। मगर गैर सन्तात्नियो की गोद मे बैठी कांग्रेस सरकार ने सवैधानिक विरोध को कुचल प्रजातंत्र की पुंगी बजा दी।
कर्नाटक में केवल सन्तात्नियो के ही नही बल्कि गैर सन्तात्नियो के भी हजारो देवालय है।जकात वसूली केंद्र है। मगर वहाँ की कांग्रेस सरकार का नजला सिर्फ सन्तात्नियो पर गिरा। उन्हें बक्स दिया।शेक्षणिक संस्थानों,बस सहित अन्य सरकारी सेवाओं में भी सन्तात्नियो के हितों, अधिकारों में कतोत्री करके गैर सनातनी वोटों को खुश कर दिया। नतीजन केरल,बंगाल,राजस्थान की तरह कर्नाटक में जिहाद, नफरत,कट्टरता की हिंसात्मक घटनाओ में भारी बढ़ोतरी देखी,आंकी जा रही है।सन्तात्नियो में दहशत है।
सनद रहे तत्कालीन बीजेपी सरकार के समानता के अनेक कानूनों को गैर सन्तात्नियो के दबाब में बदल दिया।जिससे सन्तात्नियो के धार्मिक, सामाजिक,शेक्षणिक,व्यवसायिक अधिकारों,हितों पर कुठाराघात हुआ है। उत्पीड़न,प्रताड़ना बढ़ी है।
कर्नाटक तो केवल झांकी है। कर्नाटक की तरह कांग्रेस सत्ता में लौटने पर सन्तात्नियो के पर कतरने वाले कानूनों को लागू करने का भरोसा मुल्ला,मौलवियों को दे रही है। मिसाल। बंगाल,बिहार,झारखंड,उत्तर प्रदेश में राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा गैर हिन्दू बाहुल्य जिलों से ही निकली है।मंशा,नीति,नीयत साफ है।
राजस्थान कांग्रेस की गहलोत सरकार जिहाद, आंतक, तुष्टिकरण,सन्तात्नियो के दमन की नीति को परवान नही चढ़ाती तो भारी लोक लुभावन खेरातो के बाबजूद कांग्रेस की गहलौत सरकार को उतार बीजेपी को सत्तारूढ़ नही करती।
