पत्रकारिता का ‘स्वर्णिम काल’

ये पत्रकारिता का ‘स्वर्णिम काल’ है…सात दशक से काम करती आ रही समाचार एजेंसी United News of India (UNI) के दिल्ली में स्थित ‘9, रफ़ी मार्ग’ दफ़्तर को जिस तरह भारी फोर्स के साथ कोर्ट के आदेश का हवाला देकर खाली कराया गया, वो कई सवाल खड़े कर गया. जिस जगह ये दफ्तर है, उसका बाज़ार भाव आज अरबों रुपए में है…
इस संबंध में पढ़िए यूएनआई की ही रिपोर्ट-
नई दिल्ली, 20 मार्च। देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी United News of India (UNI) ने आरोप लगाया है कि उसके रफी मार्ग स्थित दफ्तर को शुक्रवार शाम एक अभूतपूर्व कार्रवाई में बिना किसी पूर्व सूचना के जबरन खाली कराया गया. एजेंसी के मुताबिक, यह घटना स्वतंत्र भारत के मीडिया इतिहास में एक असामान्य और गंभीर विकास है…
UNI ने कहा कि वह पिछले कई दशकों से 9, रफी मार्ग स्थित अपने परिसर से संचालन कर रही थी. शुक्रवार शाम अचानक बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी, करीब 300 कर्मियों के साथ Delhi Police और अर्धसैनिक बलों के साथ परिसर में दाखिल हुए. उनके साथ कुछ वकील भी मौजूद थे…
एजेंसी के अनुसार, अधिकारियों ने कर्मचारियों पर तत्काल न्यूज़रूम खाली करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब कर्मचारियों ने अदालत के आदेश की लिखित प्रति दिखाने और प्रबंधन के आने तक समय देने की मांग की, तो कथित तौर पर उन्हें नजरअंदाज किया गया…
UNI का आरोप है कि इस दौरान कुछ कर्मचारियों—जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं—को जबरन सीटों से खींचकर बाहर निकाला गया, धक्का-मुक्की की गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया…
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने परिसर के गेट पर नियंत्रण कर लिया और बाहर गए पत्रकारों व प्रबंधन अधिकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया. कई कर्मचारी अपने निजी सामान तक नहीं ले पाए…
एजेंसी ने सवाल उठाया है कि बिना किसी पूर्व नोटिस और वरिष्ठ प्रबंधन की गैरमौजूदगी में इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई…
इस अचानक खाली कराए जाने का सीधा असर एजेंसी की सेवाओं पर पड़ा. UNI के अंग्रेज़ी, हिंदी और उर्दू सेवाओं के जरिए 500 से अधिक सब्सक्राइबर्स तक खबरों का प्रसारण तुरंत ठप हो गया…
एजेंसी का कहना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ उसकी ऐतिहासिक विरासत पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है…
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