भोपाल में एडीजी को जान से मारने की धमकी

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मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ अज्ञात युवको द्वारा धमकाने का मामला सामने आया है। ADG राजाबाबू ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर और डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में जान को खतरा होने का जिक्र भी किया है। हालांकि पुलिस शिकायत कुछ घंटो बाद ही आरोपियों को पकड़ लिया है।

घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंगलवार तड़के उनके घर के बाहर कार से आए बदमाशों ने उन्हें धमकाया था।आरोपियों के हाथ में डंडे थे, वह कौन हैं और क्या अभद्रता की इसका खुलासा नहीं हो सका है। पूरा वाकिया ADG के त्रिलंगा स्थित घर के बाहर का है।

एडीजी ने पुलिस ट्रेनिंग में बड़ा बदलाव किया था

जानकारी के मुताबिक मंगलवार की तड़के एडीजी घर के बाहर कार से आए कुछ युवकों ने गाली-गलौज की। फुटेज में एक युवक के हाथ में डंडा भी दिखा था। एडीजी ने शाहपुरा थाने को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं। बता दें कि हाल ही में एडीजी ने पुलिस ट्रेनिंग में बड़ा बदलाव करते हुए रामचरितमानस के पाठ की शुरुआत कराई थी।

घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है।
घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है।

मदरसों में कुरआन के साथ गीता पढ़ाने की सलाह भी दी थी

इसके साथ ही उन्होंने मदरसा छात्रों को कुरान के साथ गीता पढ़ने की सलाह भी दी थी। इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में सुबह की शुरुआत दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से करने का निर्देश भी दिया गया था।

उनके इन धार्मिक और वैचारिक प्रयोगों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में पहले से ही बहस छिड़ गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन प्रयोगों से नाराज लोगों ने तो वारदात को अंजाम नहीं दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्राइवेट नौकरी करते है आरोपी

शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के नाम नितेश चौरसिया और रुद्राक्ष यादव हैं, और दोनों भोपाल के निवासी हैं।

दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और वे प्राइवेट नौकरी करते हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गलत पते पर पहुंच गए थे, इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। हालांकि दोनों आपस में दोस्त हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों का एडीजी के कर्मचारियों से किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ। इसकी जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है।

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