जयपुर के आसपास गांव या कस्बों में अगर आप जायेगे तो इस तरह की हवेलियां

जयपुर के आसपास गांव या कस्बों में अगर आप जायेगे तो इस तरह की हवेलियां आप को दिख जाएंगी,जिनमे वर्षो से ताले पड़े हैं कोई रहने वाला नहीं,कई खंडहर में तब्दील हो गई है या कगार पर पहुंच चुकी है.. विडम्बना यह है कि इनमे से कई के वारिस महानगरों में निवास करते हैं सामाजिक धार्मिक आयोजनों में आते हैं और चले जाते हैं इनका ताला खोलने की जहमत भी नहीं उठाते,जिन पूर्वजों ने जब इनको बनाया होगा तब कितने सपने देखे होंगे,उनकी पीढ़ियां इसमें रहेंगी और इनको आवाद करेंगी लेकिन महानगरों के मोह ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया..
