विकलांग परिवार के घर बिजली मीटर ही नहीं फिर भी उनके नाम पर 1.76 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया।

*भोपाल विकलांग हाफिज सईद और उनकी विकलांग पत्नी के साथ बिजली कंपनी का व्यवहार चौंकाने वाला है।* NiT JAMHED ALAM BHOPAL MP BEURO CHIF
*विकलांग परिवार के घर बिजली मीटर ही नहीं फिर भी उनके नाम पर 1.76 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया।*
बिल न चुकाने पर कनेक्शन काट दिया गया।
दबाव बनाने के लिए घर के बाहर बंदूकधारी गार्ड तैनात कर दिया गया, ताकि परिवार किसी से मदद न ले सके।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने इसकी सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने गांधीगिरी का रास्ता अपनाया — गार्ड को फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और परिवार की तरफ से “जान बख्शने” की भीख मांगी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी मनोज शुक्ला की इस सक्रियता की तारीफ की है और कहा है कि अगर कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता इसी तरह जमीनी स्तर पर सक्रिय रहें तो BJP मध्य प्रदेश में चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा।
यह घटना गरीब और विकलांग परिवारों के साथ बिजली कंपनी के कथित मनमाने रवैये को उजागर करती है, खासकर नरेला विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, और इतना बड़ा बिल उनके लिए बहुत भारी है।
उम्मीद है कि प्रशासन और बिजली कंपनी जल्द इस मामले की जांच करे, बिल की वैधता पर विचार करे और विकलांग दंपति को राहत मिले। ऐसे मामलों में मानवीयता और संवेदनशीलता सबसे जरूरी है।
मनोज शुक्ला जी की इस पहल के लिए सच में शाबाश! ऐसे ही जमीनी मुद्दों पर सक्रियता जरूरी है।नरेला विधानसभा क्षेत्र (भोपाल) में बिजली कंपनी से जुड़े अन्य मामले मुख्य रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों के साथ कथित मनमाने और अमानवीय व्यवहार से संबंधित हैं। हाल के समाचारों और कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के कहां की वही अमीरों को यह सरकार लाभ पहुंचा रही है वहीं बड़े-बड़े बिल्डरों के करोड रुपए के बिल बाके हैं जिन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में बिजली कंपनी के इंजीनियर और अधिकारी गरीब परिवारों के साथ प्रतिदिन अमानवीय और अशोभनीय व्यवहार कर रहे हैं।
हाफिज सईद वाले मामले को अकेला नहीं बताया जा रहा, बल्कि यह एक बड़े पैटर्न का हिस्सा माना जा रहा है।
कई गरीब परिवारों को बिना मीटर या पुराने/गलत कनेक्शन के आधार पर भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।
बिल न चुकाने पर कनेक्शन काटना, जबरन वसूली और दबाव बनाने के तरीके अपनाए जा रहे हैं।
ज्ञात अन्य उदाहरण / संदर्भ
विकलांग और गरीब परिवारों पर फोकस: इस क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां आर्थिक रूप से कमजोर और विकलांग लोगों को लक्ष्य बनाया जा रहा है। हाफिज सईद के केस के बाद कांग्रेस ने इसे “प्रतिदिन” होने वाली घटना बताया है, यानी नियमित शिकायतें आ रही हैं।
क्षेत्रीय स्तर पर विरोध: कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि नरेला में बिजली कंपनी की कार्यशैली गरीबों के खिलाफ लगातार अन्याय कर रही है।
स्मार्ट मीटर या नए कनेक्शन देने में देरी, लेकिन पुराने इस्तेमाल का बिल थोपना।
वसूली के लिए सख्त कदम (कनेक्शन काटना, गार्ड तैनात करना) जो गरीब परिवारों के लिए असहनीय हो जाते हैं।
वर्तमान स्थिति
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सक्रिय विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
मनोज शुक्ला और अन्य नेताओं का कहना है कि अगर ऐसे मामले जारी रहे तो वे और बड़े स्तर पर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित परिवारों को राहत मिले। *न्यू इंडिया टाइम से ब्यूरो चीफ जमशेद आलम की रिपोर्ट भोपाल*
