नानाविधों व्यक्तियों, परिजनो,स्वजनों से अविरल जुड़ाव

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स्वजन प्रणाम

सुविचार

नानाविधों व्यक्तियों, परिजनो,स्वजनों से अविरल जुड़ाव मनुष्य के जीवन में वैविध्य, आनंद उत्साह का संचार करता है, इसे अर्थ देता है। संबंधों का दारोमदार स्वस्थ संवाद पर टिका रहता है।संवाद के माध्यम से हम हर्षोल्लास, व्यथाओं,चिंताएं और निजी सरोकार साझा करते हुए सकारात्मक और संतुष्ट जीवन बिता पाते हैं संवेदना शून्य या औपचारिक संवादों का अर्थ है किसी तरह संवंधों को ढ़ोना।संबंधों के मायने वही होता है जिनमें गहराई हो,ऐसा तभी संभव होगा जब इन्हें निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता से निभाया जाए।सुधी व्यक्तियों के संबंध गिनती के होते हैं,जिन्हें वे परिधान की भांति नहीं बदलते रहते ,बल्कि अंतकाल तक निभाते रहते हैं।वे संबंधों की अनवरत करते हैं।

जीवन में अच्छे और सच्चे ‘संबंध ‘ न तो ‘खरीदे’ जा सकते हैं,और न ही ‘उधार’ लिऐ जा सकते हैं। यह ईश्वरीय वरदान होता है।

इसलिए उन संबंधों को जरूर ‘महत्व’ दें, जो अपना समझकर ‘आपको’ महत्व देते हैं,आदर देते हैं सम्मान करते हैं।

🙏🏾जय हिन्द🙏🏾

विजय राघव गढ़

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