गोली लगने से जिस बच्चे की मौत…उसका पिता मांस-खाल तस्कर
भोपाल में तीसरी कक्षा के छात्र इब्राहिम खान (12) की गोली लगने से 31 जनवरी को मौत हो गई। गोली घर में रखी उसके पिता की अवैध पिस्टल से चली थी। गौतम नगर पुलिस की पिता रिजवान लाला से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह एक अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह का सदस्य है।
इंदौर के चर्चित शिकार कांड में दो साल से फरार था। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। उसने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शिकार करने की बात स्वीकार की है। अपने गिरोह के सदस्यों के साथ रिजवान शिकार का मांस और जानवरों की खाल मुंबई तक सप्लाई करता था।
रिजवान काफी समय से वन विभाग और इंदौर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस ने रिजवान को गिरफ्तार कर 3 फरवरी को जेल भेज दिया है। हालांकि, अब इंदौर से वन विभाग की टीम उसे जेल से गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
वहीं, भोपाल में उसका साथी आमिर उर्फ मम्मा भी इंदौर के शिकार कांड में फरार है। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित है।

जानिए, वह मामला, जिसमें रिजवान था फरार इंदौर के पास महू के किशनगंज थाना क्षेत्र में दिसंबर 2024 में 3 शिकारियों को गिरफ्तार किया था। इनकी कार से काले हिरण का मांस बरामद हुआ था। नवंबर 2025 में टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने चौथे आरोपी सबाह को भी मुंबई से गिरफ्तार किया है।
सबाह ने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए थे। उसने बताया था कि वह भोपाल के रिजवान लाला और आमिर मम्मा से शिकार का माल लेता था। इसके बाद बाय रोड शिकार का माल मुंबई तक ले जाता था। वहां खरीदारों तक 1000 से 1500 रुपए किलो तक मांस बेचता था।
उसने बताया कि वह रसूखदार परिवारों को मांस सप्लाई करता था। वॉट्सएप ग्रुप पर ग्राहक खोजता था। कई खरीदार उससे टेलीग्राम से भी जुड़े थे। ग्राहकों की डिटेल्स एक पर्सनल वॉट्सएप ग्रुप पर रखता था। हालांकि, जब वह पकड़ा गया, तब तक उसने वॉट्सएप और टेलीग्राम दोनों पूरी तरह खाली कर दिए थे।
पैडलर के तौर पर काम करता था रिजवान मामले में दिसंबर 2025 में सबसे पहले इम्तियाज पकड़ा गया था। उसने फॉरेस्ट टीम को बताया था कि उन्होंने गन चलाना एक नेशनल लेवल शूटर आमिर से सीखा है। उन्होंने शिकार के लिए 50 लाख रुपए की गन स्वीडन से मंगवाई थीं।
इसके बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने मुंबई के जोगेश्वरी इलाके से सबाह पिता सलाहुद्दीन को पकड़ा था। आरोपी रिजवान लाला गिरोह में पैडलर के तौर पर काम करता था। गिरोह हिरण, चीतल और सांभर की खाल मुंबई के अलावा अन्य राज्यों में भी बेचता था।

लग्जरी कार में मिला था 65 किलो मांस इंदौर के पास किशनगंज में 3 दिसंबर 2024 को सुबह पुलिस वाहनों की सामान्य चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार को रोका। उसमें करीब 65 किलो मांस मिला था।
कार में सवार जौहर हुसैन पिता इब्राहिम निवासी मिल्लत नगर मुंबई, सलमान पिता हारून निवासी मोमिन नगर मुंबई और इम्तियाज पिता शकरी खान निवासी अंधेरी वेस्ट मुंबई को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में इन तस्करों ने बताया था कि वे भोपाल से मांस लाए थे। यह मांस उन्हें रिजवान और आमिर ने दिया था। इसके बाद मामला टाइगर स्ट्राइक फोर्स के पास भेजा गया। टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने इम्तियाज, सलमान और जौहर हुसैन से अलग-अलग पूछताछ की।
तस्करों के पास से स्वीडिश गन भी बरामद की थी उन्होंने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क में भी शिकार किया था, जहां वे सांभर और बारहसिंगा के शिकार के लिए जाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य भोपाल के अलावा मुंबई के माहिम, अंधेरी और भयंदर में सक्रिय हैं।
वहीं, जून 2025 में इम्तियाज के मोबाइल से हिरण, चीतल और बारहसिंगा के शिकार से जुड़े फोटो और वीडियो मिले थे। फोर्स ने तस्करों के पास से स्वीडिश गन भी बरामद की थी। इस गन की कीमत 50 लाख रुपए बताई गई थी। जिसका इस्तेमाल शिकार के लिए किया जाता था।
आरोपी लगातार भोपाल के आमिर मम्मा और रिजवान लाला के संपर्क में रहते थे। आरोपियों की निशानदेही पर एक कंट्री मेड 12 बोर की गन भी जब्त की गई थी। इस मामले में सभी आरोपी अब भी इंदौर जेल में बंद हैं।

अब इम्तियाज-सलमान से होगा आमना-सामना एसटीएसएफ रिजवान को गिरफ्तार कर इम्तियाज और सलमान के साथ आमना सामना कराने की तैयारी में है। रिजवान की गिरफ्तारी के लिए इंदौर की फारेस्ट टीम की ओर से भोपाल के न्यायलय में आवेदन भी लगाया गया। जिससे उससे पूछताछ की जा सके। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से इंदौर की फॉरेस्ट और टाइगर स्ट्राइक फोर्स दो बार पूछताछ कर चुकी है।
न्यायिक हिरासत में रिजवान कैदी नंबर 6583 इधर, 3 फरवरी को कोर्ट ने रिजवान लाला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के ब खंड में रखा है। जेल में उसे नई पहचान कैदी नंबर 6583 के रूप में मिली है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी निगाहें बनाए हुए है।
अब जानिए वह घटना, जिससे रिजवान पकड़ा गया…
परिजन के विरोधाभासी बयानों से गिरफ्तार हुआ भोपाल की करीम बक्श कॉलोनी में रिजवान लाला के 12 साल के बेटे इब्राहिम खान की गोली लगने से मौत के बाद परिजनों ने साक्ष्य मिटाने के लिए कमरे को धो दिया था। मां, पिता और चाचा के बयानों में विरोधाभास भी था।
ऐसे में 3 दिन तक पुलिस पूरे घटनाक्रम की गुपचुप तरीके से जांच करती रही। चाचा रेहान ने पुलिस को बताया था कि घटना के समय वह घर में था। रात करीब 1:30 बजे मां और भाभी खाना खा रही थीं। तभी गोली चलने की आवाज आई।
भाभी फर्स्ट फ्लोर पर पहुंची, उन्होंने बच्चे के शव को खून से लथपथ देखा था। पीछे से मैं भी कमरे में पहुंचा और भतीजे को बेसुध देख तत्काल अस्पताल लेकर रवाना हुआ। हादसे के समय बड़ा भाई रिजवान लाला घर में मौजूद नहीं था।

रिजवान बोला था- पिस्टल बहनोई वाहिद की थी इधर, रिजवान ने भी बयानों में बताया कि जिस पिस्टल से गोली चली वह उसके बहनोई वाहिद नूर की थी। वह पहले उनके घर में आकर रहा था। घर की सफाई के दौरान पिस्टल बच्चे के हाथ लगी और धोखे से गोली चलने से बच्चे की कनपटी के आर पार हो गई।
पिस्टल घर में लोड क्यों रखी गई थी, इसका जवाब रिजवान नहीं दे सका था। उसके घर से पुलिस ने दो दर्जन से अधिक चले हुए कारतूस के खोखे जब्त किए थे। इस पर रिजवान ने खुद के नाम एक लायसेंसी राइफल होने की बात कही थी।
