संजय सिंह बोले- जेल में गांधी-सावरकर पर किताबें पढ़ीं:सुनीता भाभी ही अरविंद केजरीवाल की डिप्टी, वही CM का मैसेज लाती हैं
‘जेल में खूब किताबें पढ़ने का मौका मिला। इसके लिए मोदी जी का धन्यवाद देता हूं। इतनी किताबें तो मैं 6 साल में भी नहीं पढ़ पाया, जितनी 6 महीनें में पढ़ लीं। नेल्सन मंडेला, भगत सिंह, महात्मा गांधी और विनायक दामोदर सावरकर को भी पढ़ा।’
आम आदमी पार्टी के लीडर संजय सिंह 6 महीने तिहाड़ जेल में बिताकर आए हैं। उनकी रिहाई ऐसे वक्त हुई जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल में हैं। दैनिक भास्कर ने संजय सिंह से पार्टी के मौजूदा हालात, जेल के अनुभव और अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के पॉलिटिक्स में एक्टिव होने पर बात की।
उन्होंने ये भी बताया कि केजरीवाल जेल में हैं, तो दिल्ली की सरकार कैसे चल रही है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
सवाल: जेल के बीते 6 महीनों में सबसे बुरा अनुभव क्या था?
जवाब: शुरुआती 11 दिन बहुत मुश्किल थे। जेल की छोटी सी कोठरी में रहना था। कमरा मुश्किल से 12 फीट लंबा और 6 फीट चौड़ा रहा होगा। मेडिकल चेकअप के लिए भी तभी ले जाते थे, जब बाकी कैदी बैरक में होते थे। किसी से मिलने की परमिशन नहीं थी।

सवाल: विनायक दामोदर सावरकर ने भी 10 साल काला पानी की सजा काटी थी। आपने उन्हें भी पढ़ा क्या?
जवाब: उन पर एक किताब है ‘काला पानी के दस्तावेज’, मैंने वो पढ़ी। मैं जेल गया तो एक सज्जन ने मुझे पढ़ने के लिए दो किताबें भेजी थीं। पहली आजादी के दीवाने और दूसरी काला पानी के दस्तावेज। मैंने पढ़ने में कोई भेदभाव नहीं किया। जो मिला सब पढ़ा।
सवाल: जेल में किसी से दोस्ती हुई, वहां का कोई ऐसा किस्सा या शख्स जो याद रह गया हो?
जवाब: हां, एक बड़ा मजेदार किस्सा है। मैं जेल पहुंचा तो वहां एक अधिकारी मिले। मैं नाम नहीं लूंगा। उन्होंने मुझे देखते ही कहा- मुझे चिंता इस बात की है कि अब उन दो लोगों (PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह) से कौन लड़ेगा।
जेल में स्टाफ और कैदी भी कहते थे कि भाई लड़ते रहना, पीछे मत हटना, कमजोर मत पड़ना। उन दिनों लगातार नेताओं के पार्टी बदलने की खबरें आ रहीं थीं। जेल का एक और स्टाफ था। उसका रिएक्शन भी बहुत मजेदार था।
उसने कहा- अरे बताइए, 1 अक्टूबर को आप हमारी पेंशन की बात कर रहे थे और आज आप यहां आ गए। दरअसल, 1 अक्टूबर को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर रामलीला मैदान में रैली हुई थी। मैंने उसे संबोधित किया था।

सवाल: जेल मैनेजमेंट ने आपका हेल्थ रिकॉर्ड जारी किया है। आप जेल गए थे तब 76 किलो के थे। बाहर आए तो 82 किलो के हो गए। ऐसा कैसे हुआ?
जवाब: इस बयान को मैं करेक्ट कर दूं। जेल जाते वक्त मेरा वजन 79 किलो था और बाहर आया तो 81.7 किलो है। मतलब करीब 2 किलो 700 ग्राम का फर्क आया है। अब कोई 6 किलो बढ़ा दे या 10 किलो बढ़ा दे तो क्या कह सकता हूं।
सवाल: जेल में वजन कैसे बढ़ा, आपका काफी ख्याल रखा गया क्या?
जवाब: मुझे अपने स्वास्थ्य का ख्याल था। टहलना या बैडमिंटन खेलना, मेरे रूटीन में था। दोपहर में आराम का वक्त मिल जाता था। पढ़ने का भी समय मिलता था। समय पर खाना खाता था और समय पर सोता था। मैं जानता था कि बाहर जाकर मुझे फिर से काम करना है।

उन्होंने जिस मंशा से भी मुझे जेल भेजा हो, लेकिन इतना बड़ा मौका भी मुझे उन्हीं की वजह से मिला।
सवाल: ED और CBI ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ 456 बयान लिए। आप कह रहे हैं कि सभी बयान जबरदस्ती लिए गए। आपके साथ भी ऐसा हुआ क्या?
जवाब: पहले तो मैं आपको 456 बयान का गणित समझा देता हूं। ED ने 162 बयान दर्ज किए। CBI ने 294 बयान दर्ज किए। दोनों ने मिलकर 456 बयान दर्ज किए।

पहला गवाह मांगुटा रेड्डी, दूसरा गवाह राघव रेड्डी, तीसरा गवाह शरद रेड्डी, चौथा गवाह सी अरविंद है। मांगुटा रेड्डी के यहां 16 सितंबर को रेड होती है। 10 फरवरी को उसके बेटे राघव रेड्डी को अरेस्ट किया जाता है।
16 जुलाई को जैसे ही वो अरविंद केजरीवाल का नाम लेता है, 18 जुलाई को राघव रेड्डी की बेल हो जाती है। फरवरी से लेकर जुलाई तक बाप और बेटे दोनों मिलकर 10 स्टेटमेंट देते हैं। 8 स्टेटमेंट में दोनों अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लेते। आखिर के दो स्टेटमेंट में अरविंद केजरीवाल का नाम ले लेते हैं। ED 8 स्टेटमेंट छिपा लेती है और बाकी के दो स्टेटमेंट ही कोर्ट के सामने रखती है।
सवाल: बाकी के गवाह कौन हैं?
जवाब: शरद रेड्डी के यहां 9 नवंबर, 2022 को ED का छापा पड़ा। 10 नवंबर 2022 को उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। 10 नवंबर से 25 अप्रैल तक लगभग 6 महीने में उन्होंने 12 स्टेटमेंट दिए। 10 स्टेटमेंट में अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लिया। बाकी के दो में जैसे ही केजरीवाल का नाम आया, उन्हें बेल मिल जाती है।
हमारे वकीलों के इंस्पेक्शन में पता चला कि इनके भी 10 स्टेटमेंट ED ने छिपा लिए। इसके बाद शरद रेड्डी गिरफ्तार होते हैं। तब 15 नवंबर को 5 करोड़ की रिश्वत BJP को देते हैं और रिहाई तक 55 करोड़ रुपए देते हैं।
(पी शरद चंद्र रेड्डी अरबिंदो फार्मा के डायरेक्टर हैं। उन्होंने 15 नवंबर, 2022 को 5 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे, जिन्हें BJP ने 21 नवंबर, 2022 को भुनाया था।)
अब आप बताइए एक व्यक्ति जो ED की गिरफ्त में है, उसके बैंक अकाउंट सीज क्यों नहीं किए गए। दूसरी बात कि अगर 55 करोड़ दिए तो क्या मोदी जी, नड्डा जी और अमित शाह जी को इसका पता नहीं चला। ऐसे ही 55 करोड़ रुपए खाते में चले गए। शरद रेड्डी जैसे ही सरकारी गवाह बने, वे भी छूट जाते हैं।
अब चौथे गवाह सी अरविंद के बारे में जानिए। ये साहब कहते हैं कि मैं डिप्टी CM के घर गया और उन्हें एक डाक्यूमेंट सौंपा। अब डिप्टी CM को क्या पता कि उसके स्टाफ ने क्या डॉक्यूमेंट दिया। बताइए डिप्टी CM को उसका सेक्रेटरी डॉक्यूमेंट नहीं देगा तो और क्या देगा। दरअसल, शराब घोटाला तो BJP ने किया है। मनी ट्रेल भी मिल चुका है। अब पूछताछ इनसे होनी चाहिए।




सवाल: दोनों मामलों में ED ने 2-2 स्टेटमेंट ही कोर्ट को दिए, ये कैसे पता चला?
जवाब: बयान के दौरान दो तरह के डॉक्यूमेंट तैयार होते हैं। पहला अनरिलाइड डॉक्यूमेंट यानी ऐसा डाक्यूमेंट जिस पर जांच एजेंसी को भरोसा नहीं है। दूसरा रिलाइड डॉक्यूमेंट, जिस पर जांच एजेंसी को भरोसा है। इस केस में भी ये दोनों डॉक्यूमेंट तैयार हुए। ED ने रिलाइड डॉक्यूमेंट कोर्ट के सामने रखे। रिलाइड डॉक्यूमेंट में सिर्फ 2-2 ही स्टेटमेंट थे।
हमारे वकील ने कोर्ट से अनरिलाइड डॉक्यूमेंट देखने की परमिशन मांगी। अच्छी बात ये रही कि कोर्ट ने हमें परमिशन दे दी। उससे पता चला कि ED ने एक गवाह के 8 और दूसरे से 10 स्टेटमेंट छिपा लिए। केजरीवाल जी के वकील उन डॉक्यूमेंट को चेक करने पहुंचे तो हौरान रह गए। ED ने सिर्फ वही 2 बयान रखे, जो केजरीवाल के खिलाफ थे।

सवाल: क्या आप कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल से भी आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम जबरदस्ती ही निकलवाया गया?
जवाब: नहीं। उन दोनों का नाम किस संदर्भ में लिया गया, ये तो समझिए। उनसे पूछा गया कि विजय नायर किसे रिपोर्ट करता था। उस संदर्भ में अरविंद केजरीवाल ने उन दोनों का नाम लिया। इसमें करप्शन की बात कहां से आ गई।
सवाल: दिल्ली में CM, डिप्टी CM और एक मंत्री जेल में हैं। सरकार कैसे चल रही है?
जवाब: सभी विभागों के मंत्री अपना-अपना काम कर रहे हैं। एजुकेशन मिनिस्टर, हेल्थ मिनिस्टर, वाटर मिनिस्टर सब अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। CM सुनीता भाभी के जरिए मैसेज भेजकर गाइड करते हैं। उनसे ही पार्टी को मैसेज भिजवाते हैं। CM के गाइडेंस में ही सरकार चल रही है।
सवाल: अभी CM का डिप्टी या मैसेंजर कौन है?
जवाब: सुनीता भाभी ही हैं, क्योंकि वही उनसे मिल सकती हैं। वही, उनके और पार्टी के बीच संवाद का एक जरिया हैं।
सवाल: सुनीता केजरीवाल एक्टिव हो गईं। क्या पार्टी उन्हें राजनीति में लाने के लिए तैयार है?
जवाब: इसमें पार्टी का जो स्टैंड है, वही मेरा भी है। अरविंद केजरीवाल जी ही CM हैं और आगे भी रहेंगे। उनका जो भी मैसेज हमें सुनीता भाभी के जरिए मिलेगा, हम सबको बताएंगे।

सवाल: आप लोगों ने जंतर-मंतर में उपवास का कार्यक्रम किया। उसमें 250-300 लोग थे, लेकिन सुनीता जी नहीं दिखीं। ऐसा क्यों?
जवाब: पार्टी का प्रोग्राम था। उनके अलावा उसमें बाकी लोग थे।
सवाल: AAP के नेता जेल जा रहे हैं। पार्टी कहती है कि हमारे नेताओं को डराने के लिए ED का इस्तेमाल हो रहा है। उन्हें जमानत भी तो नहीं मिल रही, ऐसा क्यों?
जवाब: मुझे अपने केस के बारे में बोलने की इजाजत नहीं है, इसलिए ज्यादा नहीं बोलूंगा। ये न्यायिक लड़ाई है और PMLA यानी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जमानत मिलने में देर लगती है। इसकी कानूनी जटिलताएं हैं।
सवाल: अगर साजिश के तहत AAP नेताओं को जेल भेजा जा रहा होता। फिर आपको इस वक्त छोड़ क्यों दिया?
जवाब: इसके बारे में मुझे बोलने की इजाजत नहीं है। वैसे भी अब तो ये कानूनी प्रक्रिया है। मुझे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। न्यायिक प्रक्रिया भी तो कुछ होती है न।

सवाल: ED ने हाईकोर्ट में आपको गिरफ्तारी से राहत देने का विरोध किया था, लेकिन जमानत का विरोध नहीं किया। इसकी क्या वजह है?
जवाब: इस पर मैं कुछ नहीं बोल सकता। मुझे अपने केस के बारे में बोलने की अनुमति नहीं है। ये सवाल आप उनसे ही पूछिए तो ठीक होगा।
सवाल: पार्टी में इतनी उथल-पुथल है, लेकिन आपके सांसद राघव चड्ढा एक्टिव नहीं हैं। इसकी क्या वजह है? ऐसा तो नहीं कि उनकी कहीं बातचीत चल रही हो?
जवाब: सब लोग अपनी-अपनी तरह से काम कर रहे हैं। इस पर ज्यादा कुछ प्रतिक्रिया मैं नहीं दूंगा। कहीं बातचीत जैसा कुछ नहीं है। सब लोग अपने-अपने कयास लगाते हैं।
सवाल: इंडिया ब्लॉक का क्या भविष्य देख रहे हैं?
जवाब: इंडिया ब्लॉक की सरकार बनने जा रही है। यही कारण है कि मोदी जी बौखलाए हुए हैं। 2019 में सेचुरेशन पॉइंट पर थे। महाराष्ट्र, कर्नाटक, UP, बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश में उनके पास अधिकतम सीटें थीं। हरियाणा में सारी सीटें थीं।

सवाल: आपको क्या लगता है, इंडिया ब्लॉक कितनी सीटें जीत सकता है?
जवाब: मुझे लगता है कि 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी।
सवाल: BJP इस बार 400 पार कह रही है। आप उसे कितनी सीटें मिलती देख रहे हैं?
जवाब: वही जितनी राहुल जी ने दी हैं। BJP 180 के आसपास सीटें जीतेगी।
