सात लोकसभा सीट में नामांकन वापसी आज:दोपहर तक साफ होगी तस्वीर- कहां कितने प्रत्याशी मैदान में, 12 अप्रैल से भरे जाएंगे तीसरे चरण के लिए नामांकन

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए भरे गए नामांकन के बाद आज लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो जाएगी। दोपहर बाद तीन बजे तक नामांकन वापसी का समय तय है और इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर देंगे।
इस प्रक्रिया के बाद 26 अप्रेल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार तेज हो जाएगा और प्रत्याशियों के चुनावी खर्च और चुनाव प्रचार पर चुनाव आयोग की निगरानी बढ़ जाएगी। 12 अप्रैल से तीसरे चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
दूसरे चरण के लिए 28 मार्च से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 4 अप्रेल तक चली। इसके बाद 5 अप्रैल को नाम-निर्देशन पत्रों की स्क्रूटनी की गई। तब 16 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए थे। इसके बाद जो स्थिति बनी थी उसके अनुसार टीकमगढ़ में 8 प्रत्याशी, दमोह में 16, खजुराहो में 14, सतना में 20, रीवा में 14, होशंगाबाद में 12 और बैतूल में 9 उम्मीदवारों के नाम-निर्देशन पत्र सही पाये गये। स्क्रूटनी में टीकमगढ़ में 2, दमोह में 2, खजुराहो में 5, सतना में 2 और रीवा में 5 प्रत्याशियों के नामांकन रिजेक्ट किए गए थे।

16 नामांकन किए अस्वीकृत
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि 93 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं, जबकि गलतियों के चलते 16 के अस्वीकृत कर दिए गए हैं। टीकमगढ़ (अजा) में आठ, दमोह में 16, खजुराहो में 14, सतना में 20, रीवा में 14, होशंगाबाद में 12 और बैतूल (अजजा) में नौ अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। वहीं, टीकमगढ़, दमोह और सतना में दो-दो, खजुराहो और रीवा में पांच-पांच अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र रद किए गए हैं।
12 अप्रैल से तीसरे चरण का नामांकन होंगे शुरू
तीसरे चरण के नामांकन की प्रक्रिया 12 अप्रैल से शुरू की जाएगी। तीसरे चरण के तहत मध्य प्रदेश की आठ सीटों पर मतदान होगा।
पहले चरण में हैं 88 कैंडिडेट
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 19 अप्रेल से नामांकन भरने का काम शुरू हुआ था और 27 मार्च तक नाम निर्देशन पत्र भरे गए थे। 28 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच के बाद 30 अप्रेल तक नाम वापसी हुई थी। इसके बाद सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 19 अप्रेल को होने वाले मतदान के लिए 88 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे थे। इन क्षेत्रों में अब दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के दौरे और सभाएं तेज हो गए हैं। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त किए गए सामान्य प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक और व्यय प्रेक्षकों की टीम लोकसभा क्षेत्रों में रहकर प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार, आचार संहिता उल्लंघन और खर्च की निगरानी कर रही है।
