भोजशाला में खुदाई में मिली तीन सीढ़ियां:हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बोलीं- नीचे तहखाने में जाने का रास्ता मिल सकता है

भोजशाला में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का आज 15वां दिन रहा। टीम ने सुबह 6 बजे परिसर में प्रवेश किया। जुमे की नमाज से पहले टीम करीब 12 बजे बाहर आ गई। आज रमजान माह का तीसरा शुक्रवार है। भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे हैं।
भोजशाला के मुख्य भवन के आसपास कुल 13 स्थानों पर टैंच से चिह्नित किया गया था, जिसमें से अभी 3 स्थानों पर ही मिट्टी हटाने का काम हो रहा है। वकील रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि पश्चिमी दीवार पर जो पिलर बेस मिला था, उसकी वॉशिंग क्लीनिंग हो गई है। उत्तरी दीवार से सटी हुई जो सीढ़ियां मिली थीं, अंदाजा लगाया जा रहा है कि नीचे तहखाना मिलने की संभावना है। एक वॉल भी मिली है। तीन सीढ़ियां एकदम क्लियर मिली हैं।
सर्वे के दौरान जो उपकरण उपयोग में लिए जा रहे हैं, उसमें लोहे की कंघी है। प्लास्टिक की कंघी है। प्लास्टिक के ब्रश, छोटी झाड़ू भी है। जरूरत के हिसाब से फावड़े से खुदाई कर रहे हैं। छोटे-छोटे पाइप हैं, जिससे धुलाई भी की जा रही है। वॉशिंग, क्लीनिंग और ब्रशिंग के साथ ही केमिकल की मदद भी ली जा रही है।

सर्वे पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज
वकील रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि मुस्लिम समाज ने सर्वे पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा- इंदौर हाई कोर्ट के समक्ष याचिका लगी है, वहां पर जवाब फाइल करें।
पिलर बेस मिला, इसका नामकरण होगा
तीन दिवसीय दौरे पर आई हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री का आज धार में अंतिम दिन है। गुरुवार को पूरे दिन अभिभाषक अग्निहोत्री अंदर रही थीं, उन्होंने पिलर बेस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया था कि उसका नामकरण होगा, यह एएसआई ही तय करेगी उसका पीरियड क्या है वह कार्बन डेटिंग से ही पता चलेगा। ऐसे में कार्बन डेटिंग के बाद कई चीजें स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सर्वे पर रोक की मांग वाली दूसरी याचिका पर सुनवाई आज
भोजशाला परिसर में ASI सर्वे पर रोक से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद 5 अप्रैल को एक और याचिका दाखिल कर दी गई। मुस्लिम पक्ष की नई अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा।
इससे पहले सोमवार 1 अप्रैल को दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लेकिन हमारी इजाजत के बिना ASI रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके अलावा सर्वोच्च अदालत ने सभी पक्षकारों को नोटिस भी जारी किया था।
