राहुल गांधी तक पहुंचा मामला:जीतू -उमंग के बीच उलझा मुरैना-ग्वालियर का टिकट

कांग्रेस के तीन टिकट अब तक घोषित नहीं, कार्यकर्ताओं में नाराजगी
कांग्रेस अब तक मुरैना, ग्वालियर और खंडवा सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। यह पहला मौका है जब तीन सूचियां जारी करने के बाद चौथी का इंतजार है। मुरैना में प्रत्याशी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का झगड़ा खुलकर सामने आ गया है।
यह मामला राहुल गांधी तक भी पहुंच गया है। दिल्ली से कहा गया है कि जल्दी टिकट का मसला सुलझाएं अन्यथा दोनों सीटें खाली छोड़ दें। खंडवा सीट से कांग्रेस कार्यकर्ता अरुण यादव को ही चुनाव लड़ाए जाने की मांग कर रहे हैं, जबकि यहां से पूर्व सांसद कालीचरण सकरगाए की बहू सुनीता सकरगाए और पूर्व सांसद ताराचंद पटेल की बेटी आरती का नया नाम सामने आया है। यहां मजबूत केंडीडेट न होने पर कांग्रेस में बड़ी टूट की संभावना है।
खजुराहो सीट सपा को देने के बाद कांग्रेस 28 सीटों में से अब तक 25 पर ही प्रत्याशी घोषित कर पाए हैं। ग्वालियर-मुरैना में 7 मई को मतदान है जिसमें 32 दिन बचे हैं, जबकि खंडवा में चुनाव 13 मई को है जिसमें 38 दिन बचे हैं। इन सीटों पर जिन उम्मीदवारों के नाम चर्चा में है, उनके भीतर भी चिंता है कि इतने कम समय में मतदाताओं के बीच कैसे पहुंच पाएंगे।
पंकज के पक्ष में दिग्विजय-पटवारी
मुरैना में पेंच की वजह से ग्वालियर का टिकट भी घोषित नहीं हो सका। दरअसल, मुरैना से दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी जौरा विधायक पंकज उपाध्याय को टिकट देने के पक्ष में है, जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार नीटू सिकरवार के नाम पर अड़े हैं। तीसरा नाम बलवीर सिंह दंडोतिया का है, जिनकी जीत को लेकर संभावनाएं ज्यादा है, लेकिन दंडोतिया टिकट मिलने पर ही कांग्रेस ज्वाइन करेंगे। वे अभी बसपा में हैं। ग्वालियर में प्रवीण पाठक का नाम आगे है और उनके नाम पर सहमति भी बन गई है, लेकिन यहां से दिग्विजय और पटवारी खेमा पूर्व सांसद रामसेवक सिंह गुर्जर को टिकट दिलवाना चाहता है।
