इलेक्टोरल बांड चंदे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वालो संवैधानिक पीठ ने एकमत से भारत सरकार की इलेक्टोरल बांड योजना को अवैध घोषित कर दिया है.राजनैतिक दलों को बांड के मार्फ़त चंदा देने वाली इस योजना की गोपनीयता का प्रावधान बेहद खतरनाक था.केन्द्र मे सत्तारूढ़ पार्टी को छोड़ ना अन्य दलों को और ना ही जनता को जानकारी रहती की किसने किस पार्टी को बांड के मार्फ़त पैसा दिया.इस एकपक्षीय गोपनीयता के कारण इसे लोकतंत्र मे पहले से मौजूद काले धन की भागीदारी बढ़ाने वाला माना जाता है.इधर आज की खबर के मुताबिक 2022-23 मे भाजपा को 720 करोड़ रुपये चंदा मिला जो कांग्रेस आदि अन्य प्रमुख दलों को मिले चंदे से पांच गुना अधिक है.इस मुद्दे पर सात साल पहले की पोस्ट सांझा कर रहा हूं.
श्री प्रकाश दीक्षित द्वारा
