चुनाव और मीडिया वर्कशाप में बोले सीईओ:सीएम हाउस के पार्टी के रूप में इस्तेमाल की कम्प्लेन जानकारी में नहीं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा है कि सीएम हाउस को पार्टी कार्यालय बनाए जाने संबंधी शिकायत अभी उनकी जानकारी में नहीं है। राजन ने कहा है कि सीएम हाउस में कोई पॉलिटिकल मीटिंग हुई है, इसको लेकर अभी कोई शिकायत उन्होंने नहीं देखी है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में वह जानकारी लेंगे।
राजन ने यह बातें प्रशासन अकादमी में मीडिया और चुनाव विषय पर आयोजित मीडिया कार्यशाला के दौरान पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहीं।
400 कैंडिडेट होने पर चुनाव कराए जाने की स्थिति के मामले में राजन ने कहा कि ईवीएम से 384 कैंडिडेट होने पर वोटिंग कराई जा सकती है। इससे अधिक कैंडिडेट होने पर ईवीएम में अभी आयोग की कोई व्यवस्था नहीं है और अगर ऐसी स्थिति बनती है तो इस पर आयोग निर्णय लेगा।
शिकायत के आधार होगी कार्यवाही
इस दौरान जानकारी दी गई कि अगर किसी प्रत्याशी ने अपने एफीडेविट में अपराध संबंधी गलत जानकारी दी है तो रिटर्निंग अधिकारी तभी इस मामले में कार्यवाही करेगा जब किसी के द्वारा संबंधित प्रत्याशी को लेकर कम्प्लेन की जाएगी। कम्प्लेन होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी द्वारा संबंधित प्रत्याशी के एफीडेविट को बोर्ड पर चस्पा किया जाता है और फिर इसके बाद शिकायत के आधार पर कार्यवाही की जाती है। इसमें रिटर्निंग अधिकारी को यह हिदायत होती है कि वह अपने से प्रत्याशी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करेगा, न ही उसके एफीडेविट की जांच करेगा। अगर कोई गलती पाई जाती है तो रिटर्निंग अधिकारी इस पर एक्शन ले सकता है जिसके विरुद्ध अपील करने का अधिकारी प्रत्याशी को है।
वह मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अपील कर सकता है और अगर वहां से भी संतुष्ट नहीं हो तो वह ईसीआई और फिर कोर्ट में जा सकता है। इस कार्यशाला में सीईओ एमपी इलेक्शन कार्यालय में पदस्थ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री भी मौजूद रहे।
पेड न्यूज और सोशल मीडया की जानकारी दी
इस कार्यशाला में पेड न्यूज और सोशल मीडया पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी जानकारी दी गई। चुनाव आयोग के एक्सपर्ट्स ने बताया कि सोशल मीडिया में अगर कोई प्रत्याशी खुद के ब्लाग से या फेसबुक या एक्स हैंडल से कुछ पोस्ट करता है तो उसके लिए किसी तरह की सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी लेकिन अगर किसी न्यूज चैनल, फैन्स या समाचार पत्र में कोई ऐसा काम किया जाता है तो उसके लिए सर्टिफिकेशन की आवश्यकता होगी। कार्यशाला में मीडिया के लोगों के लिए मतदान केंद्रों के अंदर खींची जाने वाली फोटो और वीडियो बनाने तथा मतगणना के दौरान तय व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी गई।
