दिल्ली में ‘INDIA’ की महारैली और मेरठ में प्रधानमंत्री की रैली के साथ आज सही मायने में लोक सभा चुनाव में NDA और INDIA के बीच मुकाबले का आगाज हो गया
दिल्ली में ‘INDIA’ की महारैली और मेरठ में प्रधानमंत्री की रैली के साथ आज सही मायने में लोक सभा चुनाव में NDA और INDIA के बीच मुकाबले का आगाज हो गया और यह स्पष्ट लगा कि सत्तारूढ़ पार्टी BJP के लिए यह इतना आसान और एकतरफ़ा नहीं होगा उसके विरूद्ध विपक्ष के वोटों का ध्रुवीकरण होने से उसे कई सथानों पर कड़ी टक्कर मिलेगी. दूसरी महत्त्वपूर्ण और गौर करने लायक बात रहीं प्रधानमन्त्री की रैली और उनका भाषण जो पहले जैसा कतई नहीं रहा, हालाँकि उन्होंने आज भी भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया और केजरीवाल का नाम लिए बगैर विपक्ष पर जम कर निशाना भी साधा मगर उनकी बात में दम नहीं रहा…
चूँकि विपक्ष के जिन नेताओं के भ्रष्टाचार और बड़े बड़े घोटाले की बात करते थे उनमें से ज्यादातर अब भाजपा में आ गए हैं या उसके सहयोगी दल के रूप में साँझा सरकारों में है.चाहे अजीत पवार के सिचाई घोटाला हो या प्रफुल्ल पटेल का विमानों की खरीदी का घोटाला हो या आदर्श सोसायटी घोटाला पिछले सप्ताह ही पटेल के मामले को सीबीआई ने वापस ले लिया है. भुजबल राणे जैसे नेता मंत्री है.
दूसरी तरफ दिल्ली में ‘INDIA’ की महारैली में प्रधानमंत्री मोदी पर ज्यादा असरदार तरीके से निशाना साधा और संगीन आरोप लगाए गए…रैली में विपक्षी दलों की मांग को रखते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘‘निर्वाचन आयोग को लोकसभा चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित करना चाहिए. निर्वाचन आयोग को चुनाव में हेराफेरी करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों द्वारा की जानी वाली कार्रवाई रोकनी चाहिए.”
लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) की तरफ से इस रैली में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, फारुक अब्दुल्ला, सीताराम येचुरी सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया. विपक्षी दलों नेपांच सूत्री मांगें रखीं जिनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तत्काल की रिहाई की मांग भी शामिल है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने विपक्ष की ‘लोकतंत्र बचाओ महारैली’ में मंच से ‘इंडिया’ गठबंधन की तरफ से ये मांगें रखीं और पीएम मोदी पर ज़ोरदार हमला बोला.
विपक्ष ने कहा कि ‘‘निर्वाचन आयोग को लोकसभा चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित करना चाहिए. निर्वाचन आयोग को चुनाव में हेराफेरी करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों द्वारा की जानी वाली कार्रवाई रोकनी चाहिए. हेमंत सोरेन और अरविन्द केजरीवाल की तुरंत रिहाई की जाए. चुनाव के दौरान विपक्षी राजनीतिक दलों का आर्थिक रूप से गला घोंटने की जबरन कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए. ”
वहीं मेरठ रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के गठबंधन पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इन लोगों ने मिलकर इंडी गठबंधन बनाया है, इन लोगों को लगता है कि मोदी इनसे डर जाएगा, लेकिन मेरे लिए मेरा भारत मेरा परिवार है.” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी सलाखों के पीछे हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी ज़मानत नहीं मिल रही है. इन बेइमानों ने जो धन लूटा है वो ग़रीबों को लौटाऊंगा.”
मोदी ने कहा, “मोदी ग़रीबी से तपकर आज यहां पहुंचा है, और इसलिए हर ग़रीब का दुख, हर ग़रीब की पीड़ा, हर ग़रीब की तकलीफ… मोदी भली-भांति समझता है. इसलिए हमने ग़रीब की हर चिंता को दूर करने के लिए योजनाएं बनाईं. हमने ग़रीब को सिर्फ सशक्त ही नहीं किया है, बल्कि हमने ग़रीब को उसका स्वाभिमान लौटाया है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने राम-राम से अपना भाषण शुरू किया और भारत माता की जय के साथ ख़त्म किया.लेकिन आज का उनका भाषण बिल्कुल भी प्रभावी नहीं था.
दूसरी तरफ सुनीता केजरीवाल ने कहा-
‘मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया’
रामलीला मैदान रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा, “मोदी जी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए उनसे पूछा क्या उन्होंने ठीक किया? आपके केजरीवाल को ये ज़्यादा दिनों तक जेल में नहीं रख पाएंगे, आपके केजरीवाल शेर हैं, करोड़ों लोगों के मन में बसते हैं.”
सुनीता केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल की ओर देश को दी गई छह गारंटी का भी ज़िक्र किया.इनमें 24 घंटे बिजली, गरीबों के लिए मुफ्त बिजली, अच्छे स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक बनाने का वादा शामिल है.purrndra shukla
