आखिर ऐसा क्यों है?लोगो को व्यक्तिगत रूप से ऐसी क्या दुश्मनी थी मुख्तार से?

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पहचान लो!

गोरखपुर, मऊ,बलिया,ग़ाज़ीपुर,बनारस, प्रयागराज और आजमगढ़ या कहिए पूरे पूर्वांचल में दीवाली जैसा माहौल है।वहां एक बड़ी खुशी का की लहर जैसी दौड़ गई है।आखिर ऐसा क्यों है?लोगो को व्यक्तिगत रूप से ऐसी क्या दुश्मनी थी मुख्तार से?

सैकड़ों हिंदुओं की मौतों के लिए मुख्तार अंसारी जिम्मेदार है। वह एक आतंकवादी था!उस पर शोक व्यक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति को एक संभावित आतंकवादी के रूप में देखा जाना चाहिए।

कहते हैं अति का अंत अति भयानक होता है…

कुख्‍यात डॉन या यू कहें समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मुख्‍तार अंसारी को 40 सालों तक कोई अदालत कोई कानून उसे सजा नहीं दे पाया और उस पर कुल 61 मामले दर्ज रहे

माफिया डॉन मुख्‍तार अंसारी बीते 4 दशकों तक अपराध की दुनिया का बड़ा नाम रहा।आंकड़ों की बात करें तो मुख्‍तार पर ही 61 मामले दर्ज है।वहीं उसकी पत्‍नी अफसा अंसारी पर 11 मुकदमे दर्ज हैं।मुख्‍तार के बेटे अब्‍बास पर 8 और छोटे बेटे उमर पर 6 केस दर्ज हैं। मुख्‍तार की बहू निखत पर भी एक मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं मुख्‍तार के भाइयों अफजाल पर 7 मामले तो सिगबतुल्‍लाह पर 3 केस चल रहे हैं।

माफिया मुख्तार अंसारी की दबंगाई ही ऐसी थी कि पहले तो उसके अपराध पर मामला दर्ज नहीं होता था। यदि हो भी जाए तो उसके खिलाफ गवाही देने के लिए कोई तेयार नहीं होता था।करीब 40 सालों बाद जब प्रदेश में योगी सरकार थी और बदमाशों पर कार्रवाई हो रही थीं; तब उसे पहली सजा सुनाई गई थी।ऐसा कोई अपराध नहीं जो मुख़्तार अंसारी ने न किया हो यह किसी आतंKवादी से कम नही था।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का भतीजा माफिया मुख़्तार अंसारी ने अपने कम-से-कम 100 राजनैतिक विरोधियों की हत्या करवाई है। आरोप है कि ये हत्याएँ समाजवादी पार्टी की सरकार के संरक्षण में होती रहीं।

मुख़्तार अंसारी के निशाने पर अधिकतर हिन्दू ही रहे हैं और हिन्दुओं को वो हिन्दू से ही क़त्ल करवाता था।

साल 1997 में VHP नेता नन्दकिशोर रूंगटा का अपहरण मुख़्तार के गुर्गों ने कर लिया था। विहिप नेता की पत्नी अपने पति को छुड़ाने के लिए पैरवी कर रही थीं। इसी पैरवी के खिलाफ मुख़्तार अंसारी ने पूरे रूंगटा परिवार को बम से उड़ा देने की धमकी दी थी।तब पीड़ित परिवार ने वाराणसी के भेलूपुर थाने में FIR दर्ज करवाई थी।

एक जमाना था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश अतीक अहमद, मुख़्तार अंसारी, अबू सलेम, छोटा शकील के आतंक के लिये जाना जाता था।देखना यह है इस खतरनाक,खूंखार बेरहम अपराधी के लिए कौन कौन दुखी दिखता है, श्रद्धांजलि देता है,आंसू बहाता है।इतने लंबे समय के आतत्ताई के लिए केवल अपराध समर्थको,आतंक समर्थको में ही सहानुभूति और श्रद्धा हो सकती है।भारत की जनता के लिए आज का दिन इन अपराध समर्थको,माफिया/आतंक समर्थको के पहचानने का दिन है,इस चुनाव में सबक सिखाने का समय आ गया है।

विधायक कृष्णानंद राय की हत्या करवाने के बाद 400 राउंड फायरिंग करवा कर मुख्तार ने बोला था।

“चोटी काट ली, जय श्री राम मुट्ठी में है”

मुख्तार अंसारी ने जब बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या करवाई थी तब अपने खास गुर्गे राकेश पांडे उर्फ हनुमान से कहा था कि कृष्णन्द राय हत्या करने के बाद उसकी चोटी (शिखा) जरूर काट लेना और उसे मेरे पास लाना।

हत्या करने के बाद जब राकेश पांडे ने मुख्तार अंसारी को फोन किया तब मुख्तार अंसारी ने पहला सवाल पूछा काहो चोटिया चुर्किया (शिखा) काट लेहला न ?

तब राकेश पांडे ने कहा था ह भईया चोटिया कटा गईल।

यह बात पुलिस की FIR में लिखी है।

कृष्णानंद राय की चोटी यानी शिखा सिर्फ इसलिए काटी गई थी ताकि हिंदुओं का हिंदु प्रतीकों का अपमान किया जा सके और पूरे इलाके के हिंदुओं को एक मानसिक दबाव में लाया जा सके कि तुम्हारी कोई औकात नहीं है।

मौसम बदला और चोटी काटने वाले ओर राम को जेब मे रखने वाले दुनिया से रूखसत हुए।

इक दिन मर जाएगा —-की मौत। ला ला लल्ला ला।अगर संविधान,कानून और व्यवस्था का पालन नहीं करेगा तो हर अपराधी, आतंकी,माफिया ऐसे ही मरता है और ऐसे ही मारा जाएगा।

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