निरंतर नाट्य संस्था भोपाल की ओर से आज दिनांक 23.03.2024 को शाम 7.00 बजे “दो कहानियों” का मंचन शहीद भवन में किया जायेगा ।

डॉ. अनिता सिंह चौहान के द्वारा लिखी गई कहानी नज़रिया का नाट्य रूपांतरण एवं परिकल्पना निर्देशन नितिन तेजराज के द्वारा किया गया है।
यह कहानी समाज में मदद करने वाले व्यक्ति को मूर्ख, बेवकूफ, जाहिल समझने की बढ़ रही प्रवृत्ति को इंगित करती है।
कहानी में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति पार्क की बेंच पर बैठ कर उपन्यास पढ़ रहा है, वहीं एक लड़का भागते हुए आकर बेंच पर बैठे व्यक्ति के सामने आकर बेहोश होकर गिर जाता है। बेंच पर बैठा व्यक्ति आस-पास के लोगों से मदद के लिये सम्पर्क करने की कोशिश करता है, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं करता। अंततः व्यक्ति बेहोश पड़े लड़के को टैक्सी से अपने घर ले जाता है, उसकी देखभाल करता है, जब लड़का होश में आता है तब व्यक्ति उसे घर वापस जाने के लिये 400 रूपये देता है। लड़का जब 400 रूपये लेकर अपनी झुग्गी में पहुंचता है तो वो अपनी पूरी कहानी माँ को सुनाता है।
कहानी के अंत में दिखाया गया है कि जो लड़का है वो पॉकेटमार है, माँ और बेटे दोनों उस मददगार व्यक्ति के मदद करने की भावना पर जोर-जोर से हंसते हैं। यहीं कहानी का अंत होता है।
कहानी में व्यक्ति का रोल आयुष कुमार ने, माँ का रोल मोली साहू और भाई का रोल अखिलेख भार्गव ने और पॉकेटमार का रोल शास्वत ने किया है। निर्देशन नितिन तेजराज के द्वारा किया गया है।
दूसरी कहानी “घर वापसी” दो लोगों की कहानी है जिसमें अजय पाल एवं भरत सिंह ने अभिनय किया है।
नितिन तेजराज
सचिव
निरंतर नाट्य संस्था भोपाल
मो. 9826925460
